जन्म से सुनने और बोलने में असमर्थ बच्ची अब पहचानने लगी आवाजें
जौनपुर
सरकार की कॉक्लियर इम्प्लांट योजना ने केराकत तहसील के मढ़ी गांव निवासी चार वर्षीय आयत शेख की जिंदगी में नई उम्मीद जगा दी है। जन्म से श्रवण बाधित आयत न तो सुन पाती थी और न ही बोल पाती थी, लेकिन सफल ऑपरेशन और नियमित स्पीच थेरेपी के बाद अब वह अपने परिजनों की आवाज पहचानने लगी है और बोलने का प्रयास भी कर रही है।
योजना के तहत मिला उपचार
आयत के पिता असलम शेख ने जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के माध्यम से योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन किया था। आवश्यक चिकित्सीय परीक्षणों के बाद 16 नवंबर 2025 को उसका कॉक्लियर इम्प्लांट ऑपरेशन कराया गया।
ऑपरेशन के बाद उसे नियमित पुनर्वास सेवाएं और स्पीच थेरेपी उपलब्ध कराई गई, जिससे उसकी सुनने और बोलने की क्षमता में धीरे-धीरे सुधार आने लगा।
समीक्षा कार्यक्रम में दिखी सकारात्मक प्रगति
हाल ही में आयोजित विभागीय समीक्षा कार्यक्रम में आयत की प्रगति का अवलोकन किया गया। इस दौरान उसकी सुनने और बोलने की क्षमता में आए सकारात्मक बदलाव को देखकर अधिकारी और चिकित्सक भी उत्साहित नजर आए।
विशेषज्ञों के अनुसार समय पर उपचार और नियमित थेरेपी से श्रवण बाधित बच्चों के विकास में उल्लेखनीय सुधार संभव है।
परिवार ने जताया आभार
आयत की सफलता कॉक्लियर इम्प्लांट योजना की प्रभावशीलता का एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आई है।
परिवार ने सरकार और दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस योजना ने उनकी बेटी को सामान्य जीवन की ओर बढ़ने का अवसर दिया है। परिवार का कहना है कि अब आयत के भविष्य को लेकर उनकी उम्मीदें और मजबूत हुई हैं।



