कानपुर. बीते दिनों कानपुर महानगर में एक विलुप्त की श्रेणी में डाला गया हिमालयन वल्चर मिला था. जिसे वन विभाग की टीम ने कानपुर चिड़िया घर में रखा है. विशालकाय हिमालयन वल्चर की चर्चाएं अभी थमी भी नहीं थीं की कानपुर में एक सफेद उल्लू मिला है, जो विलुप्त और संरक्षित प्रजातियों में से एक है. इस उल्लू को बार्न आउल कहते हैं. यह उल्लू कानपुर के परेड स्थित नवीन मार्केट में देखा गया है. उल्लू कहां से आया यह किसी को नहीं पता. जब लोगों ने उल्लू को एक दुकान पर बैठा देखा. तो इस अनोखे उल्लू की बात चारों तरफ फैल गई. उल्लू को देखने के लिए लोगों की भीड़ तक बढ़ने लगी. लोगों ने वन विभाग को इसकी सूचना दी. वन विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और उल्लू को पकड़कर चिड़िया घर ले गए.
क्या है खासियत
बार्न आउल की बात की जाए तो इसे खलियान उल्लू भी कहा जाता है. यह ना सिर्फ शिकार करने में माहिर होता है, बल्कि बेहद तेज और चालाक भी माना जाता है. यह उल्लू देश में से विलुप्त होने की कगार पर है. जिस वजह से सरकार द्वारा इसके संरक्षण पर काम भी किया जा रहा है.
चिड़ियाघर में डॉक्टरों ने की उल्लू की पहचान
कानपुर चिड़ियाघर के डॉक्टर मोहम्मद नासिर ने बताया कि यह उल्लू बार्न आउल कहलाता है. यह सफेद रंग का होता है और संरक्षित पक्षी है. हालांकि अब इस उल्लू को चिड़ियाघर प्रशासन ने खुले आसमान में छोड़ दिया है. इसकी वजह यह है कि इसको अगर पिंजरे में कैद करके रखा जाए तो यह खाना पीना छोड़ देता है. जिस वजह से कानपुर प्राणी उद्यान ने इसे जांच-पड़ताल के बाद छोड़ दिया.



