राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मानसूनी बारिश के दौरान यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. 45 साल बाद यहां नदी के जलस्तर ने 208 मीटर का आंकड़ा पार कर लिया है. बाढ़ की स्थिति को देखते हुए दिल्ली सरकार अलर्ट है. दिल्ली सरकार ने बताया, ”दिल्ली में यमुना का जलस्तर 208.05 मीटर को पार कर गया है जो केंद्रीय जल आयोग की ओर से 13 जुलाई को सुबह 4 से 6 बजे तक की अवधि के लिए लगाए गए 207.99 मीटर के अनुमान से ज्यादा है. सरकार ने बताया कि पुराने रेलवे पुल पर रात 10 बजे बढ़ोतरी दर्ज की गई. इससे पहले 1978 में दिल्ली में यमुना का जलस्तर 207.49 मीटर पहुंचने का रिकॉर्ड था. बुधवार रात 9 बजे पुराने रेलवे पुल पर यमुना का जलस्तर 207.95 मीटर दर्ज किया गया. इससे पहले रात 8 बजे हथिनीकुंड बैराज से 1,47,857 क्यूसेक पानी छोड़ा गया.
यमुना के जलस्तर में लगातार इजाफे के चलते नदी के किनारे वाले कई इलाकों में बाढ़ का पानी घुस गया है. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को आपात बैठक बुलानी पड़ी. दिल्ली सरकार ने बताया कि बोट क्लब से संबंधित 17 नावें और सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग से संबंधित 28 नौकाएं जागरूकता, निकासी और बचाव के काम के लिए ड्यूटी पर लगाई गई हैं. कुल 45 नावों को उतारा गया है. वहीं, सबसे ज्यादा बाढ़ प्रभावित इलाकों में बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ की 12 टीमें तैनात की गई हैं. दिल्ली नगर निगम के शिक्षा विभाग ने गुरुवार (13 जुलाई) को निचले इलाकों के कुछ स्कूलों को बंद रखने का फैसला किया है, जिनकी कक्षाएं छात्रों के लिए ऑनलाइन तरीके से चलाई जाएंगी. एमसीडी की ओर से एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया, ”दिल्ली में बाढ़ जैसी स्थिति को देखते हुए एमसीडी के शिक्षा विभाग ने सिविल लाइंस जोन के निचले इलाकों में 10 स्कूलों, शाहदरा दक्षिण जोन के 6 स्कूलों और शहादरा उत्तर जोन के एक स्कूल को 13 जुलाई को बंद रखने का फैसला किया है. इन स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन कक्षाएं आयोजित की जाएंगी.”




