- ज्येष्ठ तपन को शांत करने की है पौराणिक मान्यता
जौनपुर धारा, जौनपुर। ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा के शुभ अवसर पर आदि गंगा गोमती के पावन जल से भगवान श्री जगन्नाथ जी, श्री बलभद्र जी और देवी सुभद्रा का 108 घड़े के जल से दिव्य स्नान कराया गया। पौराणिक मान्यता के अनुसार भगवान श्री जगन्नाथ जी, देवी सुभद्रा एवं श्री बलभद्र जी ने ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन अधिक गर्मी के कारण शरीर में हो रही तपन को शांत करने के लिए 108 घड़े का स्नान किया था जिसके कारण शीत विकार समस्या उत्पन्न हो जाने के आधार पर आम जनमानस श्रद्धालुओं को भगवान के विग्रह का दर्शन बंद हो जाता है। आषाढ़ कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा से लेकर अमावस्या तक भगवान को नित्य भेग आरती के साथ भगवान को काढ़े का भेग लगाया जाता है तथा आषाढ़ शुक्ल पक्ष प्रतिपदा को स्वस्थ होने पर द्वितीया के दिन भगवान श्री जगन्नाथ जी की रथ यात्रा निकाली जाती है इसी परंपरा के अनुसार रास मंडल स्थित जगन्नाथ मंदिर में रविवार की प्रात: रथ यात्रा समिति के अध्यक्ष शशांक सिंह रानू के निर्देशन में सभी श्रद्धालुओं ने आदि गंगा गोमती के हनुमान घाट से 108 कलश का जल लेकर घोड़े हाथी और ढोल नगाड़े के साथ रासमंडल स्थित जगन्नाथ धाम पहुंचे जहां पर भक्तों ने भगवान श्री जगन्नाथ जी श्री बलभद्र जी एवं श्री सुभद्रा जी को 108 घड़ों से दिव्य स्नान कराया। जिसमें नीरज श्रीवास्तव, संजय गुप्ता सीए, पंडित निशाकांत द्विवेदी, अवनिन्द्र तिवारी, जय कृष्ण साहू, राजेश तिवारी, शिव शंकर साहू, संतोष गुप्ता, आशीष यादव, राजेश गुप्ता, अरुण शर्मा, बसंत प्रजापति (सभासद), आलोक वैश्य, मनोज मिश्रा, रवि शर्मा, प्रदीप श्रीवास्तव आदि हजारों की संख्या में श्रद्धालु गण कलश यात्रा में सम्मिलित हुए तथा भगवान के विग्रह को दिव्य स्नान कराया। तत्पश्चात भगवान की दिव्य श्रृंगार भेग और आरती का आयोजन किया गया जिसमें सभी श्रद्धालुओं ने भगवान के प्रसाद को ग्रहण किया इसी के साथ रथ यात्रा महोत्सव के कार्यक्रम का आज आरंभ हुआ।


