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हाइब्रिड युद्ध: 21वीं सदी की अदृश्य चुनौती और भारत की सुरक्षा

यह छवि हाइब्रिड युद्ध की अवधारणा को दर्शाती है जिसमें साइबर हमले, सूचना युद्ध, आर्थिक दबाव और डिजिटल सुरक्षा शामिल हैं। यह आधुनिक युद्ध की बदलती प्रकृति और भारत की सुरक्षा रणनीति को समझाने में मदद करती है। इसमें यह दिखाया गया है कि कैसे तकनीक और डेटा आधुनिक युद्ध का मुख्य हिस्सा बन चुके हैं और राष्ट्र की सुरक्षा केवल सेना पर नहीं बल्कि डिजिटल सिस्टम और नागरिक जागरूकता पर भी निर्भर करती है।
Homeअपना जौनपुरहजरत अली की शहादत पर निकला तुर्बत का जुलूस

हजरत अली की शहादत पर निकला तुर्बत का जुलूस

  • अली—अली, हाय अली की सदा से गूंज उठा शिराज—ए—हिंद
  • बाद नमाजे मगरबैन शाह पंजे में किया गया सिपुर्दे खाक

जौनपुर धारा, जौनपुर। शहर के मीरमस्त स्थित मस्जिद शाह अता हुसैन से 20 रमजान बुधवार को हजरत अली की शहादत के मौके पर अलम और ताबूत का कदीम जुलूस बरामद हुआ। अंजुमन जुल्फेकारिया के हमराह यह जुलूस उठा और इसमें भारी संख्या में शिया समुदाय के लोगों ने शिरकत करके हजरत अली को खिराजे अकीदत पेश किया। वहीं जुलूस में भारी संख्या में लोग उपस्थित रहे और हर किसी की जुबां पर अली—अली, हाय अली, हाय अली की सदा थी। मौलाना सफदर हुसैन जैदी ने मजलिस को खेताब किया और हजरत अली की जिंदगी पर रोशनी डाली। इसके बाद जुलूस मस्जिद से बरामद हुआ और बड़ी मस्जिद होता हुआ नवाब युसूफ रोड पहुंचा जहां पर एक बार फिर मौलाना सफदर हुसैन जैदी ने तकरीर खिताब किया। इस बार उन्होंने मौला अली की शहादत पेश की। फिर यह जुलूस कोतवाली चौराहा पहुंचा वहां भी तकरीर हुई। इसके बाद यह जुलूस चहारसू चौराहा पहुंचा वहीं ढालगर टोला इमामबाड़ा मद्दू मरहूम में मजलिस को मौलाना कैसर अब्बास आजमी ने खेताब किया। यहां से कदीम तुरबत और अलम का जुलूस अंजुमन हुसैनिया के नेतृत्व में निकाला गया जो अपने कदीम रास्तों से होता हुआ चहारसू पहुँचा जहाँ दूसरे जुलूस में शामिल हो गया। यहां पर शिया इंटर कॉलेज के पूर्व प्रिंसीपल मोहम्मद हसन नसीम ने तकरीर की और फिर अंजुमन हुसैनिया व जुल्फेकारिया के हमराह ये जुलूस शाही पुल, बेनी साहू की गली, ओलंदगंज, जोगियापुर, कचहरी होते हुए हुसैनाबाद स्थित शाह पंजे जाकर समाप्त हुआ। संचालन मेंहदी रजा एडवोकेट ने किया। शाह के पंजे में मगबरबैन की नमाज मौलाना महफूजुल हसन खां ने अदा करायी। बाद में रोजेदारों ने रोजा इफ्तार किया। मुतवल्ली तहसीन शाहिद व मुन्ना अकेला ने यहाँ सभी मुकम्मल व्यवस्था किया था। यहां भी अकीदतमंदों की भारी भीड़ उमड़ी। जुलूस को शांतिपूर्ण संपन्न कराने वालों में अंजुमन जुल्फेकारिया के उपाध्यक्ष अकबर हुसैन उर्फ शमशीर, मरकजी मोहर्रम कमेटी के अध्यक्ष शहंशाह हुसैन रिजवी, मुस्तफा शम्सी, फैज, मोहम्मद अब्बास आरिफ, मो. शाहिद गुड्डू, जहीर हसन, माजिद हसन, शाहिद मेहदी, नेहाल हैदर, मेहदी एडवोकेट आदि लोगों ने अहम भूमिका निभाई।

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