कानपुर. उत्तर प्रदेश सरकार में पूर्व में रहे मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य के एक बयान ने आफत मचा दी है. रामचरितमानस पर उनके द्वारा की गई टिप्पणी के बाद लगातार खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं तो कानपुर में सामाजिक संगठन ने स्वामी प्रसाद मौर्य का मुंह काला करने वाले व्यक्ति या युवक को एक लाख रुपये इनाम देने की घोषणा की है. सामाजिक संस्था शास्त्री नगर रामलीला सोसाइटी के पदाधिकारी ने बकायदा यह ऐलान करते हुए कि जो भी व्यक्ति स्वामी प्रसाद मौर्य के मुंह पर कालिख पोत देगा उसे 1 लाख रुपये का चेक या नगद राशि दी जाएगी.
इसके लिए उन्होंने पहले से ही चेक बना कर रख लिया है.सामाजिक संस्था के लोगों कहना है कि स्वामी प्रसाद मौर्य ने जिस तरह से रामचरितमानस पर टिप्पणी की है वह बहुत ही निंदनीय है और हिंदुओं व सनातन धर्म के लोगों का अपमान है. हिंदुओं की भावनाएं आहत हुई हैं क्योंकि उन्होंने रामायण पर ही सवाल उठा दिया. ऐसे में उन्हें सजा मिलनी और उनका अपमान होना जरूरी है. कानपुर के साउथ में हिन्दू वादी संगठन ने स्वामी प्रसाद मोर्य का पुतला भी फूंका. स्वामी प्रसाद मौर्य द्वारा दिए गए रामचरितमानस के बयान पर पुलिस कमिश्नर ऑफिस पहुंचकर संस्था के लोगों ने एक ज्ञापन भी सौंपा और स्वामी प्रसाद मौर्य पर मुकदमा लिखने की मांग भी की. कानपुर में ही अन्य कई सामाजिक संस्थाओं ने भी स्वामी प्रसाद मौर्या पर मुकदमा लिखे जाने को लेकर ज्ञापन सौंपा है. बिहार के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर ने हाल में एक बयान में तुलसीदास रचित रामचरितमानस को लेकर कहा था कि इस ग्रंथ के कुछ अंश सामाजिक भेदभाव को बढ़ावा देकर आपसी घृणा बढ़ाते हैं. इसके बाद सोमवार को मौर्य ने इस ग्रंथ के कुछ अंशों का हवाला देकर बताया कि किस तरह पिछड़ी जातियों के खिलाफ इस ग्रंथ में अपमानजनक भाषा इस्तेमाल की गई है. मौर्य ने इन अंशों को हटाने की पुरज़ोर मांग भी रखी. उनके इस बयान के बाद से ही यूपी में बवाल खड़ा हुआ है.



