जौनपुर धारा, खुटहन। शिक्षक समाज का निर्माता है। स्व. हीरावती देवी के निधन से शिक्षकों का ही नहीं बल्कि पूरे समाज की अपूर्णीय क्षति हुई है। हीरावती देवी के 17 सालों के योगदान से क्षेत्र के अनेक बच्चों को शिक्षा का दान मिला है उनके इस योगदान का समाज सदैव ऋणी रहेगा। उक्त बातें ब्लाक खंड शिक्षा अधिकारी पंकज कुमार ने उनके आवास गुलालपुर पर आयोजित शोक सभा में कही। उन्होंने कहा कि एक शिक्षक की मृत्यु हो सकती है लेकिन उसके आदर्श और उसकी दी हुई शिक्षा की मृत्यु कभी नहीं होती वह सदा अमर रहता है। हीरावती अपने पीछे अपने पति तथा 3 बच्चों सहित बहू को छोड़कर गोलोक को चली गई। उन्होंने अपने शिक्षण कार्य के साथ गृहस्थ जीवन का भी पूरा दायित्व का निर्वहन किया जिससे पूरे शिक्षक समाज तथा परिवार के लोग आज उनका गुणगान करते रहे। बेसिक परिवार के लोगों द्वारा एक लाख की नकद धनराशि खंड शिक्षा अधिकारी पंकज कुमार तथा वहां उपस्थित वरिष्ठ शिक्षकों ने स्व. हीरावती देवी के पति राजेंद्र प्रसाद को दिया। परिवार को सांत्वना देने वालों में राजकुमार यादव, अरविंद कुमार यादव, शशिकांत यादव, आलोक यादव, रमाकांत यादव, अर्चना कुशवाहा, सुमन यादव सहित अनेक अध्यापक उपस्थित रहे।
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पूरनपुर में अंडरपास निर्माण की मांग पर डीआरएम का निरीक्षण, ग्रामीणों को मिली नई उम्मीद
पूरनपुर गांव के सामने बंद किए गए रेलवे मार्ग पर अंडरपास निर्माण की मांग को लेकर डीआरएम वाराणसी ने निरीक्षण किया। ग्रामीणों को उम्मीद है कि स्वीकृति मिलने के बाद वर्षों पुरानी आवागमन समस्या का समाधान होगा।
शिक्षक की मृत्यु समाज की सबसे बड़ी क्षति : बीईओ

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