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‘वारिस पंजाब दे’ के प्रमुख अमृतपाल सिंह के समर्थकों की पुलिस के साथ झड़प

Amritpal Singh Exclusive: पंजाब के अमृतसर (Amritsar) में हाल ही में ‘वारिस पंजाब दे’ (Waris Punjab De) के प्रमुख अमृतपाल सिंह के समर्थकों की पुलिस के साथ झड़प हुई थी. इस घटना के बाद से अमृतपाल सिंह लगातार सुर्खियों में हैं. इसी बीच अमृतपाल सिंह से एबीपी न्यूज़ ने एक्सक्लूसिव बात की और खालिस्तान से लेकर अजनाला हिंसा सहित कई मुद्दों पर सवाल किए. पंजाब के सीएम कह रहे हैं कि आपको पाकिस्तान से फंडिंग हो रही है. इसपर अमृतपाल सिंह ने कहा कि आज पाकिस्तान की हालत ऐसी हो चुकी है उसको फंडिंग की जरूरत है. हमारे यहां ये फिनोमिना रहा है कि हमने अगर किसी का विरोध करना है तो उसे किसी के साथ जोड़ दो. आप एक तरफ कह रहे हो कि पुलिस ने अच्छा काम किया, दूसरी ओर कह रहे हो कि ये फिक्स मैच था. 

कोई कहता है कि ये आईएसआई से ट्रेंड हैं, कोई कह रहा है कि एजेंसियों ने प्लांट किया है, सच्चाई क्या है. इसपर अमृतपाल सिंह ने कहा कि किसी के कहने से ना तो कोई अच्छा बन सकता है और ना ही बुरा. ये कोई नया प्रोपेगेंडा नहीं है. जब भी कोई धर्म की बात करता है तो उसे आईएसआई का आदमी कहा जाता है. पुलिस के खिलाफ कोर्ट क्यों नहीं गए, इस सवाल पर उन्होंने कहा कि पुलिस वालों पर राजनैतिक दबाव था. पर उन्हें गलत काम नहीं करना चाहिए, सरकार तो 5 साल में बदल जाती है, लेकिन पुलिस तो वही रहेगी. 23 फरवरी की हिंसा में हमारे 21 लोग घायल हुए थे. आपने वो वीडियो नहीं देखी? हमारे ऊपर लाठीचार्ज किया गया था. आपका मकसद खालिस्तान है या कोई कुछ और है? इसपर अमृतपाल सिंह ने कहा कि हमारा मकसद सब कुछ करना है और उसका अल्टीमेट गोल खालिस्तान है. खालिस्तान हमारी मंजिल है और रास्ते में हमारा संघर्ष है. हम ये नहीं कहते खालिस्तान बनाना है. खालिस्तान हर समस्या का अंतिम समाधान है. गुरु ग्रंथ साहिब जाने को लेकर अमृतपाल सिंह ने कहा कि कोई केस रद्द कराने को लेकर बात नहीं हुई. वहां संगत इकट्ठी हुई थी. ये एक व्यक्ति का केस नहीं है. दुबई का जिक्र करते हुए अमृतपाल सिंह ने कहा कि मैं वहां रहकर आया हूं, वहां पर किसी के साथ अन्याय नहीं होता, वहां किसी निर्दोष को उठाकर जेल में नहीं डालते. वो हमारा देश नहीं है, वहां हम काम करने जाते हैं. आज हमारी ये दशा कर दी है कि हमें अरब देशों में जाकर काम करना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि हमारी पुलिस से कोई बात नहीं हुई थी. हमारा आदमी गलत केस में गिरफ्तार किया था. हमने पुलिस को सबूत दिखाए उसके बाद हमारे आदमी को छोड़ा गया. हमने जो भी किया वो ठीक किया, कुछ गलत नहीं था. जो 4 शख्स मेरे विरोधी हैं, उन्हें आप संगत का रूप दे रहे हैं. जो लोग कह रहे हैं कि हमने बेअदबी की है वो ही विरोधी हैं. ये राजा वडिंग, रवनीत बिट्टू, बादल, मजीठिया हैं. इन लोगों का पंत में कोई आधार है? इनके अलावा और कोई विरोध नहीं कर रहा है. गौरतलब है कि 23 फरवरी को अमृतसर के अजनाला पुलिस थाने पर हमला हुआ था. ‘वारिस पंजाब दे’ के प्रमुख अमृतपाल सिंह (Amritpal Singh) के करीबी लवप्रीत तूफान को एक युवक से मारपीट के मामले में पुलिस ने गिरफ्तार किया था. तूफान पर की गई एफआईआर को रद्द करने और उसे छोड़ने को लेकर वारिस पंजाब दे (Waris Punjab De) के समर्थकों और पुलिस के बीच झड़प हुई थी. 

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