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रोमांचक मुकाबले में वाराणसी ने मिजार्पुर को दी पटकनी

जौनपुर धारा, जौनपुर। खेल निदेशालय उ.प्र. एवं जिला खेल कार्यालय के तत्वावधान में इन्दिरा गांधी स्पोर्टस स्टेडियम सिद्दीकपुर में पं. दीनदयाल उपाध्याय के जन्म शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य पर आयोजित प्रदेशीय सीनियर महिला कबड्डी प्रतियोगिता के खिताबी मुकाबला शुक्रवार को अपरान्ह 1.30 बजे मुख्य अतिथि जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा के कर-कमलों द्वारा सम्पन्न किया गया। शुक्रवार को हुए कबड्डी मैच का क्वार्टर फाइनल राउण्ड में पहला मुकाबला वाराणसी व आगरा के मध्य हुआ। एकतरफा मुकाबले में वाराणसी ने आगरा को 24-08 से पराजित किया और सेमीफाइनल में स्थान पक्का किया। दूसरा क्वार्टरफाइनल मुकाबला आजमगढ़ व मेरठ के मध्य हुआ जिसमें आजमगढ़ 22-18 से विजेता घोषित हुई। संघर्षपूर्ण मुकाबले में दीपमाला ने आजमगढ़ के लिए सर्वाधिक अंक जुटाये। तीसरा क्वार्टर फाइनल सहारनपुर व लखनऊ के मध्य हुआ जिसमें सहारनपुर ने एकतरफा मुकाबले में लखनऊ को पराजित किया। सहारनपुर की ओर से अनु दूबे ने अच्छे खेल का प्रदर्शन किया। अंतिम क्वार्टर फाइनल मैच देवीपाटन और विन्ध्याचल मण्डल के मध्य खेला गया जिसमें एकतरफा मुकाबले में 4 के बदले 15 अंकों से विन्ध्याचल मण्डल विजयी हुई। विन्ध्याचल मण्डल से रागिनी ने बहुत ही अच्छा प्रदर्शन किया। पहला सेमीफाइनल आजमगढ़ व वाराणसी के मध्य खेला गया, प्रारम्भिक दौर में आजमगढ़ की टीम ने वाराणसी से अच्छा संघर्ष किया परन्तु अंत में वाराणसी की टीम ने 07 अंकों के अंतर से आजमगढ़ को 23-16 से पराजित किया एवं वाराणसी की टीम फाईनल में स्थान पक्का किया। वाराणसी को फाइनल में जगह पक्का करने में खुशी सिंह ने अहम भूमिका निभायी। दूसरा सेमीफाइनल मैच सहारनपुर व विन्ध्याचल मण्डल के मध्य खेला गया जिसमें रागिनी ने अपने अच्छे खेल के दम पर सहारनपुर को 10 अंकों से पराजित करने में अहम भूमिका निभायी। समय-समय पर विद्युत गति से रेड किया। रागिनी के खेल ने विन्ध्याचल मण्डल को फाइनल में प्रवेश दिलाया। आज का अंतिम और खिताबी मुकाबला विन्ध्याचल व वाराणसी के मध्य खेला गया जिसमें पहले हॉफ की समाप्ति पर 21-10 विन्ध्याचल की टीम वाराणसी से आगे था। मैच को देखकर लग रहा था कि फाइनल एकतरफा होगा परन्तु हॉफ टाइम में वाराणसी की प्रशिक्षिका शिखा सिंह ने अच्छी रणनीति बनाते हुए टीम को दूसरे हॉफ खेलने के लिए भेजा जिसका परिणाम यह रहा कि वाराणसी ने दूसरे हॉफ में 21 अंक अर्जित किये एवं विन्ध्याचल मण्डल की टीम ने मात्र 10 अंक अर्जित किया। इस प्रकार मुकाबला मैच समाप्त होने पर दोनो टीमों का अंक 31-31 था इस प्रकार मैच बराबरी पर छूटा। कबड्डी के नियमानुसार निर्णायकों ने निर्णय लिया कि फाइव रेड नियम के तहत आगे का मुकाबला सम्पन्न कराया जायेगा। फाइव रेड मुकाबले में वाराणसी ने 7 अंक अर्जित किये तथा विन्ध्याचल मण्डल ने 5 अंक अर्जित किये। इस प्रकार संघर्षपूर्ण मुकाबले में वाराणसी ने विन्ध्याचल मण्डल को 38-36 से पराजित कर खिताब जीतने का गौरव प्राप्त किया। विन्ध्याचल मण्डल से आंचल व रागिनी ने अच्छे खेल का प्रदर्शन करते हुए दर्शकों की वाहवाही लूटी। वाराणसी टीम को विजेता कराने में वाराणसी टीम की व्यूह रचना व रणनीति ने वाराणसी को विजेता होने का गौरव दिलाया। वाराणसी के लिए खुशी सिंह, सोनाली कनौजिया और सिमरन ने महत्वपूर्ण भूमिका निभायी। फाइनल मैच के अंत तक यह कहना असंभव था कि कौन सी टीम विजेता होगी। दोंनो ही टीमों ने हार-जीत से परे होकर शानदार खेल का प्रदर्शन किया। समापन समारोह में मुख्य अतिथि को बुके प्रदान कर क्रीड़ा अधिकारी डॉ. अतुल सिन्हा द्वारा स्वागत किया गया। इस अवसर पर उप क्रीड़ा अधिकारी चन्दन सिंह के साथ ही पीके पाण्डेय, प्रदेश उपाध्यक्ष कबड्डी संघ सुरेश सिंह, चेयरमैन रेफरी बोर्ड, रविचन्द्र यादव, सचिव जिला कबड्डी थे। मुख्य अतिथि द्वारा कबड्डी खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया गया।

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