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राहुल गांधी की संसद की सदस्यता रद्द मामले को लेकर पार्टी का कड़ा रुख

Rahul Gandhi Disqualified: कांग्रेस नेता राहुल गांधी की वायनाड से संसद की सदस्यता रद्द करने के मामले को लेकर पार्टी कड़ा रुख अख्तियार किए हुए है. इस मामले को लेकर विपक्षी पार्टियां भी कांग्रेस का साथ दे रही हैं और सत्ता पक्ष पर हमलावर हैं. वहीं, अब पार्टी ने आगे की रणनीति पर चर्चा करने के लिए एक हाईलेवल मीटिंग की है.

AICC मुख्यालय पर हुई इस बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के अलावा सोनिया गांधी, अंबिका सोनी, पी. चिंदमबरम, पवन खेड़ा, जयराम रमेश, प्रियंका गांधी, आनंद शर्मा, राजीव शुक्ला, सलमान खुर्शीद, पवन बंसल, मीरा कुमार, अधीर रंजन चौधरी, अभिषेक मनु सिंघवी, तारिक अनवर समेत कई अन्य नेता शामिल हुए. इस बैठक में प्रदेश अध्यक्षों के साथ-साथ सीएलपी नेता भी मौजूद रहे. बैठक के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने कहा, “हम इसको जन मुद्दा बनाएंगे, हाथ से हाथ जोड़ो अभियान चल ही रहा है लेकिन हम इसको मुद्दा बनाएंगे. इस मुद्दे को लेकर देश में प्रदर्शन शुरू होगा. सोमवार से जोर शोर से देश के हर कोने में इस फैसले के खिलाफ बड़े लेवल पर प्रदर्शन किया जाएगा. शाम 2 घंटे के लिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मीटिंग की, जिसमें पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी भी शामिल थीं. 50 लोग मीटिंग में थे और 50 लोग जूम मीटिंग के माध्यम से जुड़े. संगठन के तौर पर क्या कदम उठाया जा सकता है, क्या होगा अगला कदम इस पर मीटिंग में चर्चा हुई. उन्होंने आगे कहा, “देश भर में हम ये मुद्दा लेकर जाएंगे कि राहुल गांधी को जानबूझ कर निशाना बनाया गया है, भारत जोड़ो यात्रा की वजह से बीजेपी परेशान थी, राहुल गांधी को बदनाम करने की कोशिश की गई. भारत जोड़ो यात्रा एक इवेंट नहीं बल्कि एक मूवमेंट बन गया. कांग्रेस महासचिव ने कहा, “राहुल गांधी को जानबूझ कर निशाना बनाया गया क्योंकि 7 फरवरी के बाद राहुल गांधी ने अडानी घोटाले के खिलाफ संसद में मुद्दा उठाया था. तीन सवाल रोज कांग्रेस की ओर से उठाए जा रहे थे, इसीलिए उनको टारगेट किया गया. 7 फरवरी के दिन राहुल गांधी का भाषण होता है और 9 दिन बाद यानि 16 फरवरी को जो शिकायतकर्ता था उसने अपनी ही कंप्लेन के बारे में स्टे दिया लेकिन राहुल गांधी के अडानी के भाषण के बाद उन्होंने स्टे वापस ले लिया. 27 फरवरी को सुनवाई शुरू होती है, 17 मार्च को जजमेंट रिकॉर्ड होता है और 23 मार्च को जजमेंट होता है. सब कुछ प्लान के तहत किया गया है. यही क्रोनोलॉजी है. 3 कारणों की वजह से राहुल गांधी को टारगेट किया गया. पहला मोदी सरकार के खिलाफ अपनी आवाज, दूसरा भारत जोड़ो यात्रा की सफलता और तीसरा अडानी घोटाले के बारे में जो उन्होंने खुलासा किया.

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