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हाइब्रिड युद्ध: 21वीं सदी की अदृश्य चुनौती और भारत की सुरक्षा

यह छवि हाइब्रिड युद्ध की अवधारणा को दर्शाती है जिसमें साइबर हमले, सूचना युद्ध, आर्थिक दबाव और डिजिटल सुरक्षा शामिल हैं। यह आधुनिक युद्ध की बदलती प्रकृति और भारत की सुरक्षा रणनीति को समझाने में मदद करती है। इसमें यह दिखाया गया है कि कैसे तकनीक और डेटा आधुनिक युद्ध का मुख्य हिस्सा बन चुके हैं और राष्ट्र की सुरक्षा केवल सेना पर नहीं बल्कि डिजिटल सिस्टम और नागरिक जागरूकता पर भी निर्भर करती है।
Homeअपना जौनपुरयौमे आशूरा का निकला जुलूस देर शाम ताज़िए हुए दफन

यौमे आशूरा का निकला जुलूस देर शाम ताज़िए हुए दफन

  • पुलिस प्रशासन की कड़ी निगरानी में दसवीं मुहर्रम का जुलूस संपन्न

जौनपुर धारा, खेतासराय। शनिवार को नगर में सुन्नी समुदाय द्वारा यौमे आशूरा को ताज़िए का जुलूस निकाला गया। देर शाम तकिया स्थित करबला में ताज़िए दफन हुए। दोपहर में नगर एवं आसपास के 18ताजिया चौको से अलग समूह में ताजिया का जुलूस निकाला गया। सभी ताजियादार अपने-अपने ताज़िए के साथ फातमान गेट पर एकत्रित हुए। यहां ताजियादारों ने फातेहा पढ़ा। फिर यहां से सामुहिक रूप से सभी ताज़िए जुलूस के रूप में जौनपुर शाहगंज मार्ग पर तकिया स्थित इमामबाड़े मे दफन होने के लिऐ निकले। जुलूस में ताजियादार ढोल ताशा बजाते हुए चल रहे थे। जुलूस में शमिल अखाड़ों ने लाठी खेल कर अपनी कला का प्रदर्शन किया। जुलूस में मुख्यरूप से मोहम्मद असलम खां, परवेज अंसारी, आज़म अशर्फी, तबरेज, महमूद खां, जुबैर अहमद इदरीसी, इलियास, मोनू, सलीम अहमद, इकराम खान, एजाज सलमानी, मो0 साकिब सहित आदि मौजुद रहे।

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