जौनपुर धारा, जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के आर्यभट्ट सभागार में मानसिक विकारों के प्रबन्धन में योग की भूमिका विषयक एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो.हनुमान प्रसाद तिवारी ने कहा कि योग करने वालों के जीवन में कभी निराशा नहीं आतीं। योग से हमें जीने की कला आती हैं। विशिष्ट अतिथि उमानाथ सिंह मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक डॉ.विनोद वर्मा ने कहा कि योग की उत्पत्ति भारत में हुई और आज पूरा विश्व इनको आत्मसात कर रहा है।योग के माध्यम से मानसिक विकारों को दूर किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि योग नियमों के अनुसार करे। योग पद्धति को अगर हम अपनाते है तो सदैव तनाव से दूर रहेंगे। कुलसचिव महेंद्र कुमार ने कहा कि आज के समय में मानसिक शांति के लिए योग की बड़ी भूमिका है। वित्त अधिकारी संजय कुमार राय ने कहा कि योग तन को मन से, मन से आत्मा को और आत्मा को परमात्मा से जोड़ता है। अध्यक्षीय संबोधन में प्रो.अजय द्विवेदी ने कहा कि योग के अच्छे परिणाम के कारण ही आज पूरा विश्व योग दिवस मना रहा है। यौगिक क्रियाएं हमें सरल जीवन जीने का मार्ग प्रशस्त करता है। नोडल अधिकारी डॉ.मनोज कुमार पांडेय ने योग सप्ताह की रिपोर्ट प्रस्तुत की। डॉ.जान्हवी श्रीवास्तव ने धन्यवाद ज्ञापन एवं संचालन चीफ़ वार्डन डॉ मनीष प्रताप सिंह ने किया। इस अवसर पर प्रो.बी.बी.तिवारी, प्रो.बी.डी. शर्मा, प्रो.रजनीश भास्कर, प्रो.प्रमोद कुमार यादव, प्रो.गिरिधर मिश्र, डॉ.दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ.अनुराग मिश्र, नन्द किशोर सिंह, अजीत प्रताप सिंह, बबिता सिंह, डॉ.अमित वत्स, मोहम्मद अफसर, डॉ.पी.के.कौशिक, रामजी सिंह, रमेश यादव, सुशील प्रजापति समेत अन्य उपस्थित रहे।
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योग करने वालों के जीवन में नहीं आती निराशा : प्रो.हनुमान प्रसाद



