- इक्कीसवीं सदी विज्ञान और तकनीक की सदी : प्रो.वंदना सिंह
जौनपुर। पूर्वांचल विश्वविद्यालय परिसर के प्रो.राजेंद्र सिंह भौतिकीय विज्ञान अध्ययन एवं शोध संस्थान में दीक्षोत्सव के अंतर्गत 21वीं सदीं में विज्ञान एवं तकनीकी, संभावनाएं एवं चुनौतियां विषय पर व्याख्यान आयोजित किया।
व्याख्यान के मुख्य वक्ता पूर्वांचल विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो.राजाराम यादव ने कहा कि 21वीं सदी विज्ञान और तकनीक की सदी है। आज शिक्षा, संचार, चिकित्सा, कृषि, उद्योग, परिवहन, रक्षा, ऊर्जा के क्षेत्र में वैज्ञानिक प्रगति ने मानव जीवन को बेहतर बनाया है। प्रो.यादव ने कहा कि बेरोज़गारी, असमानता, साइबर खतरे और पर्यावरणीय संकट जैसी चुनौतियाँ भी सामने हैं। उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के विवेकपूर्ण उपयोग की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि भविष्य इस बात पर निर्भर करता है कि हम विज्ञान और प्रौद्योगिकी का उपयोग किस प्रकार करते है। संतुलित और जिम्मेदार दृष्टिकोण अपनाकर ही हम विज्ञान की शक्ति को सच्चे अर्थों में मानव कल्याण का साधन बना सकते हैं। अध्यक्षता कर रही विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो.वंदना सिंह ने कहा इक्कीसवीं सदी में विज्ञान और प्रौद्योगिकी मानवता को अभूतपूर्व अवसर प्रदान कर रहे हैं। वर्तमान समय में वैज्ञानिक प्रगति के बिना मानव विकास की कल्पना संभव नहीं है। विद्यार्थियों को विज्ञान के मूलभूत सिद्धांतों को गहराई से समझ कर उसमें काम करने और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। निदेशक एवं अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो.प्रमोद कुमार यादव ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि संस्थान विद्यार्थियों के संपूर्ण शैक्षणिक और व्यक्तित्व विकास के लिए कटिबद्ध है। प्रो.राजेश शर्मा ने 21वीं सदी में विज्ञान व तकनीक की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की। संचालन डॉ.नितेश जायसवाल तथा प्रो.देवराज सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन किया। इस अवसर पर प्रो.राकेश कुमार यादव, प्रो.संतोष कुमार, प्रो.मिथिलेश सिंह, प्रो.प्रदीप कुमार, प्रो.राजकुमार, प्रो.गिरिधर मिश्र डॉ.प्रमोद कुमार, डॉ.मनोज पांडे, डॉ.सुजीत चौरसिया, डॉ.धीरेन्द्र कुमार चौधरी, डॉ.अजीत सिंह, डॉ.मिथिलेश यादव, डॉ.दिनेश वर्मा, डॉ.आलोक वर्मा, डॉ.काजल-डे सहित शिक्षक एवं नवप्रवेशित छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।


