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Homeअपना जौनपुरमहिला मोर्चा ने मनाया हथकरघा दिवस समारोह

महिला मोर्चा ने मनाया हथकरघा दिवस समारोह

  • बच्चों ने तख्ती लेकर निकाली पद यात्रा

जौनपुर धारा, जौनपुर। सोमवार को राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर महिला मोर्चा ने गुलाबी देवी विद्यालय में उदय प्रताप सिंह प्रबंधक गुलाबी देवी विद्यालय के नेतृत्व में राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर पदयात्रा निकाली जिसमें बच्चे और बच्चियों ने हाथ में तख्तियां लेकर जुलूस के रूप पद यात्रा की और लोगों को हथकरघा के प्रति जागरूक किया। इस मौके पर प्रबंधक उदय प्रताप सिंह ने कहा कि आज के दिन 9वां राष्ट्रीय हथकरघा दिवस मनाया जा रहा है यह ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना में स्थानीय वस्त्रों और हथकरघा को लोकप्रिय बनाने के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दोहराने का अवसर है। हथकरघा दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य लघु और मध्यम उद्योग को बढ़ावा देना है। इसके अलावा यह दिन बुनकर समुदाय को सम्मानित करने और भारत के सामाजिक-आर्थिक विकास में उनके योगदान को सराहने के मकसद से भी हथकरघा दिवस मनाया जाता है। यह बहुत जरूरी है कि हथकरघा से बनी चीजें देश- विदेश के कोने-कोने तक पहुंचे। इससे भारत को अलग पहचान तो मिलेगी ही साथ ही बुनकर समुदायों को भी आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। भाजपा महिला मोर्चा की जिलाध्य़क्ष रागिनी सिंह ने कहा कि देश में हथकरघा उद्योग को सशक्त बनाने और दुनिया भर में हैंडलूम की पहचान बनाने के मकसद से हर साल 7 अगस्त का दिन भारत में राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के रूप में मनाया जाता है। हैंडलूम हमारे भारत की सांस्कृतिक विरासत का अहम हिस्सा है या यों कहें कि पहचान है। पहनावे से लेकर घर की सजावट तक में हैंडलूम को अब खासतौर से शामिल किया जाने लगा है, जिससे इस इंडस्ट्री में रोजगार बढ़ा है और कारीगरों की स्थिति भी सुधर रही है। हैंडलूम उद्योग बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार देने के अलावा महिलाओं को आत्म निर्भर बनने का भी मौका देता है। हमारे देश में ऐसे कई राज्य हैं, जो खासतौर से अपने हैंडलूम के लिए जाने जाते हैं, जैसे- आंध्र प्रदेश की कलमकारी, गुजरात की बांधनी, तमिलनाडु का कांजीवरम और महाराष्ट्र की पैठनी, मध्य प्रदेश की चंदेरी, बिहार का भागलपुरी सिल्क कुछ ऐसे हैंडलूम हैं, जो भारत ही नहीं, दुनिया भर में मशहूर हैं। इस मौके पर जिला उपाध्यक्ष राखी सिंह, सीमा तिवारी के साथ-साथ विद्यालय कि शिक्षिकाएं उपस्थिति रहीं।

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