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Homeअपना जौनपुरमहिलाएं होती हैं घर की मुखिया : प्रो. निर्मला एस. मौर्य

महिलाएं होती हैं घर की मुखिया : प्रो. निर्मला एस. मौर्य

  • महिला सम्मेलन में चार गांव की महिलाओं को किया गया सम्मानित

जौनपुर धारा, जौनपुर। वीरबहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के विश्वशरैया हाल में सोमवार को दीक्षोत्सव के परिप्रेक्ष्य में महिला सम्मेलन  का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गए चार गांव की महिलाओं को सम्मानित किया गया।

बतौर मुख्य अतिथि कुलपति प्रो.निर्मला एस.मौर्य ने कहा कि महिलाएं घर की मुखिया होती है। उन्होंने कहाकि महिलाओं का जितना सम्मान किया जाए कम है। घर और समाज में महिलाओं की दोहरी जिम्मेदारी होती है घर सम्भालना और खेती भी देखना। उन्होंने कहा कि जिस परिवार में नारी का सम्मान होता है। वहां ईश्वर निवास करते हैं, जिस घर में गृहिणी नहीं रहती उस घर का सम्मान न तो आसपास के लोग करते हैं न ही उनका समाज। स्वागत प्रो.रवि प्रकाश ने किया। इसके पूर्व पेंटिंग और क्राफ्ट प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसका विषय था जी-20 एक परिवार एक भविष्य की ओर, नवीकरण ऊर्जा सूत्रों के बारे में जन जागरूकता,राष्ट्र निर्माण में नई शिक्षा नीति 2020 की भूमिका। इसके निर्णायक मंडल में डा. शैलेश प्रजापति और डा. पीसी यादव थे। कार्यक्रम संचालन डॉ. विनय वर्मा ने और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. अनु त्यागी ने किया। इस मौके पर कुलसचिव महेंद्र कुमार, प्रो.वंदना राय, प्रो.प्रदीप कुमार, डॉ.सुशील कुमार, डॉ.आलोक मुखर्जी, प्रो.रजनीश भाष्कर आदि मौजूद रहे।

दवा की मात्रा का ज्ञान फार्मासिस्ट को ही: डा. आलोक मुखर्जी

जौनपुर धारा, जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के विश्वशरैया हाल में फार्मेसी संस्थान के तत्वावधान में एक व्याख्यान का आयोजन किया गया। इसव्ाâा विषय रीसेंट यूटिलाइजेशन ऑफ फामार्कोग्नॉसी इन करंट सिनेरियो फार फार्मासिटिकल इंडस्ट्री था। इस व्याख्यान में बतौर मुख्य वक्ता डॉ. आलोक मुखर्जी ने कहा कि रोगी को दवा कब, क्यों और कैसे देना है वह एक फार्मासिस्ट ही समझता है। एक फार्मासिस्ट को दवा को कब लेना है कैसे लेना है और क्यों लेना है उसका सही ज्ञान होना आवश्यक है। आधुनिक अंग्रेजी के दवाओं के साथ-साथ प्राकृतिक दवाओं का भी अपना अलग महत्व है जो आज के समय में डॉक्टर द्वारा सुझाया जाता है। उन्होंने कहा कि अगर किसी दवा का प्रभाव है तो उसका दुष्प्रभाव भी है। उन्होंने हर्बल दवाओं की उपयोगिता पर विस्तार से प्रकाश डाला। व्याख्यान का संचालन और अतिथि परिचय डॉ. विनय वर्मा ने किया। धन्यवाद ज्ञापन राजीव कुमार ने किया। इस मौके पर फार्मेसी विभाग के छात्र उपस्थित रहे।

इंडस्ट्री की अपेक्षा छात्रों से बढ़ी : प्रो. कुशेन्द्र मिश्रा

जौनपुर धारा, जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के आर्यभट्ट सभागार में दीक्षोत्सव के अंतर्गत सोमवार को प्रबंध अध्ययन संकाय द्वारा एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस अवसर पर इमर्जिंग ट्रेंड्स इन बिजनेस रिसर्च विषय पर बतौर मुख्य वक्ता भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय लखनऊ के प्रबंध अध्ययन विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर कुशेन्द्र मिश्रा ने कहा कि आज इंडस्ट्री की अपेक्षाएं छात्रों से बढ़ी है इसलिए छात्रों को इस बदलते परिवेश में अपने आप को नए-नए विषयों एवं तकनीक से अद्यतन रहने की आवश्यकता है। छात्रों को परंपरागत ज्ञान के अलावा शोध आधारित ज्ञान को बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने शोध को रुचिकर बनाने के लिए शोध के विभिन्न आयामों पर प्रकाश डाला तथा बताया शोध में नवाचार की अहम भूमिका होती है। कहा कि शोध के कई तरीके हैं परंतु आज शोध केस स्टडी के माध्यम से किया जाना ज्यादा सार्थक साबित हो रहा है। स्वागत भाषण प्रोफेसर अविनाश पार्थडीकर ने किया। प्रबंध संकाय के संकाय अध्यक्ष प्रोफेसर अजय द्विवेदी ने शोध के महत्व पर प्रकाश डाला। धन्यवाद ज्ञापन डॉ. आशुतोष कुमार सिंह ने और संचालन रिचा पांडे ने किया। इस मौके पर प्रो. मुराद अली, डॉ. आलोक गुप्ता, डॉ. रसिकेश, डॉ. राजेश कुमार, सुशील कुमार, मो. अबू सालेह, राकेश उपाध्याय, अनुपम कुमार,  शैफुल हक, मो. शहाबुद्दीन, प्रांकुर शुक्ला इत्यादि मौजूद रहे।