दुनिया में कई देशों में समलैंगिकता के मुद्दे को बेहद ही संवेदनशील माना जाता है. ये एक ऐसे समूह से संबंध रखता है, जिस पर समाज के लोग बहुत ज्यादा सवाल खड़े करते हैं. इसी बीच युगांडा के राष्ट्रपति योवेरी मुसेवेनी ने सोमवार को देश में समलैंगिकता के खिलाफ कठोर बिल वाले दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कर दिए है, जिसके मुताबिक समलैंगिक संबंध बनाने पर मौत की सजा और आजीवन कारावास की सजा का प्रावधान है. युगांडा के राष्ट्रपति योवेरी मुसेवेनी के ओर से समलैंगिकता से जुड़े बिल पर साइन करने के बाद ये LGBTQ समूहों के लिए दुनिया का सबसे कठोर कानून बन चुका. इस कानून को वेर्स्टन देशों ने जमकर आलोचना की है. इस पर US के राष्ट्रपति जो बाइडेन (Joe Biden) ने सारी दुनिया के लिए एक दुखद उल्लंघन बताया है. वहीं इस कानून को जितनी जल्दी हो सके रद्द करने की बात कही और न करने पर पूर्वी अफ्रीकी देश में सहायता और निवेश में कटौती करने की धमकी दी.
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जौनपुर में 21 मई को होने वाली लेखपाल भर्ती परीक्षा के लिए 21 केंद्र बनाए गए हैं, जिसमें करीब 10 हजार अभ्यर्थी शामिल होंगे।
बेहद ही संवेदनशील माना जाता है समलैंगिकता मुद्दा



