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हाइब्रिड युद्ध: 21वीं सदी की अदृश्य चुनौती और भारत की सुरक्षा

यह छवि हाइब्रिड युद्ध की अवधारणा को दर्शाती है जिसमें साइबर हमले, सूचना युद्ध, आर्थिक दबाव और डिजिटल सुरक्षा शामिल हैं। यह आधुनिक युद्ध की बदलती प्रकृति और भारत की सुरक्षा रणनीति को समझाने में मदद करती है। इसमें यह दिखाया गया है कि कैसे तकनीक और डेटा आधुनिक युद्ध का मुख्य हिस्सा बन चुके हैं और राष्ट्र की सुरक्षा केवल सेना पर नहीं बल्कि डिजिटल सिस्टम और नागरिक जागरूकता पर भी निर्भर करती है।
Homeअपना जौनपुरबहुमुखी प्रतिभा के धनी थे डा. अम्बेडकर: राजेश गौतम

बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे डा. अम्बेडकर: राजेश गौतम

  • भाजपा कार्यालय पर धूमधाम से मनायी गयी डा. अम्बेडकर की जयंती

जौनपुर धारा, जौनपुर। भारतीय जनता पार्टी के जिला कार्यालय पर जिलाध्यक्ष अनुसूचित मोर्चा अजय सरोज की अध्यक्षता में बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर की जयंती के उपलक्ष्य में एक संगोष्ठी आयोजित की गई। जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में कादीपुर के विधायक राजेश गौतम उपस्थित रहे। उपस्थित मुख्य अतिथि राजेश गौतम एवं जिलाध्यक्ष मछलीशहर रामविलास पाल और भाजपा नेताओं ने बाबा साहेब के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि देकर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। इसके पहले सुबह जिलाध्यक्ष पुष्पराज सिंह एवं मण्डल अध्यक्ष अमित श्रीवास्तव के नेतृत्व में भाजपाइयों ने अम्बेडकर तिराहा पर स्थित बाबा साहेब के प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्य अतिथि ने बाबा साहेब के जीवन पर प्रकाश डालते हुये कहा कि देश से छुआछूत खत्म करने और समाज को सशक्त बनाने में अहम किरदार निभाने वाले बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे दलितों के मसीहा अम्बेडकर महान चिंतक, समाज सुधारक, न्यायविद व अर्थशास्त्री थे। कानून के महान विद्वान होने के चलते उन्हें देश का पहला कानून मंत्री बनाया गया। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की परिकल्पना भी उन्हीं की सोच का नतीजा था। आज का दिन बाबासाहेब के महान और प्रेरक विचारों का प्रचार प्रसार करने का दिन है। उन्होंने सक्रिय रूप से दलितों के साथ-साथ हमारे समाज के अधिकारहीन वर्ग के लिए भी कार्य किया और उनके अधिकारों के लिए लड़े। जिलाध्यक्ष मछलीशहर रामविलास पाल ने सभा को सम्बोधित करते हुये कहा कि दलित बौद्ध आंदोलन के पीछे अम्बेडकर भी एक प्रमुख शक्ति थे। इसके अलावा, यह व्यक्ति उस समय भारतीय समाज में मौजूद असंख्य असमानताओं का मुकाबला करने के लिए प्रतिबद्ध था। अध्यक्षता कर रहे जिलाध्यक्ष अनुसूचित मोर्चा के अध्यक्ष ने आये हुये अतिथियों एवं कार्यकर्ताओं को स्वागत करते हुये अध्यक्षीय भाषण देते हुये उन्होंने कहा कि बीआर अंबेडकर को संविधान मसौदा समिति की अध्यक्षता करने का सौभाग्य मिला। वह निस्संदेह भारत के संविधान के निर्माता हैं। अम्बेडकर की प्रतिभा भी भारत के संविधान को दुनिया में सर्वश्रेष्ठ में से एक बनाती है। संचालन पिछड़ा मोर्चा के जिलाध्यक्ष अनिल गुप्ता ने किया। उक्त अवसर पर जिला उपाध्यक्ष सुधाकर उपाध्याय, जिला मंत्री प्रमोद यादव, प्रदेश मंत्री अनुसूचित जनजाति सरस गौंड, पूर्व जिला मंत्री धर्मपाल कन्नौजिया, मछली शहर अनुसूचित मोर्चा के जिलाध्यक्ष रामसूरत सरोज, जिला मीडिया प्रभारी आमोद सिंह, लोकसभा विस्तारक अम्बरीष धर द्विवेदी, विजय गौतम,  दिग्विजय सिंह, अजय मिश्रा, विनोद सिंह अनुसूचित मोर्चा के तमाम पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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