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Homeअपना जौनपुरबच्चों के अधिकारों के प्रति है संवेदनशील न्याय पालिका : संतोष पाण्डेय

बच्चों के अधिकारों के प्रति है संवेदनशील न्याय पालिका : संतोष पाण्डेय

  • आस्था महिला एवं बाल विकास संस्थान ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का किया स्वागत

जौनपुर धारा, जौनपुर। नाबालिक बच्ची से बलात्कार के प्रयास के एक मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाते हुए कड़ी टिप्पणी की है। कोर्ट ने माना कि यह घटना स्तब्ध करने वाला है साथ ही असंवेदनशील भी है। जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन जेआरसी की विशेष अनुमति याचिका स्वीकार कर ली गई है, जिससे संगठन को पीड़िता की पैरवी की अनुमति मिली। इस फैसले का आस्था महिला एवं बाल विकास संस्थान ने स्वागत किया है। गौरतलब है कि आस्था महिला एवं बाल विकास संस्थान जौनपुर, चंदौली एवं सोनभद्र से बाल अधिकरो के लिए काम कर रहा है और यह जेआरसी की प्रमुख सहयोगी संस्था है। आस्था महिला एवं बाल विकास संस्था के निदेशक संतोष पांडेय ने कहा कि अगर देश में एक भी बच्चा अन्याय का शिकार होता है तो जेआरसी उसके साथ खड़ा दिखाई देगा। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का रुख दर्शाता है कि न्याय पालिका बच्चो के अधिकारों के प्रति संवेदनशील है। जेआरसी बच्चों के लिए एक न्यायपूर्ण दुनिया बनाने की लड़ाई लड़ रहा है। फलस्वरूप आस्था महिला एवं बाल विकास संस्थान जिले से बच्चों के खिलाफ बाल विवाह,बाल यौन शोषण और बाल मजदूरी जैसे अपराधों के खात्मे के लिए प्रतिबद्ध है।

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