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डीएम ने यूनियन बैंक का किया औचक निरीक्षण

युवाओं को ऋण वितरण में तेजी लाने के दिए निर्देशजौनपुर। जिलाधिकारी डॉ.दिनेश चन्द्र ने यूनियन बैंक ऑ$फ इंडिया के क्षेत्रीय कार्यालय का औचक निरीक्षण...
Homeअपना जौनपुरफर्जी रिपोर्ट के मामले में डॉक्टर समेत तीन के खिलाफ मुकदमा

फर्जी रिपोर्ट के मामले में डॉक्टर समेत तीन के खिलाफ मुकदमा

जौनपुर धारा, जौनपुर। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के न्यायालय में बक्सा थाना क्षेत्र के बेलछा गांव निवासी प्रमोद कुमार यादव ने प्रार्थना पत्र देकर रेडियोलॉजिस्ट डॉ.स्वाति यादव दुर्गा सिटी डायग्नोसिस सेंटर द्वारा फर्जी रिपोर्ट बनाने के संबंध में मुकदमा दाखिल किया है। प्रमोद कुमार यादव पुत्र रामचंद्र यादव ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया कि १९ मार्च २०२२ समय करीब ६ बजे सुबह जमीनी विवाद को लेकर पट्टीदार हरिनारायण यादव पुत्र यादव के परिवार से विवाद हो गया। इस संबंध में थाना बक्सा पर मुकदमा अपराध संख्या 78/22 धारा 323,504,506 आईपीसी में मुकदमा दर्ज करवा दिया गया। बक्सा पुलिस ने प्रमोद की भी तहरीर के आधार पर 78/22 धारा 147,323,504 आईपीसी में दर्ज हुआ। जिसमें दोनों पक्षों को साधारण चोटे आई थी। दोनों पक्षों का चिकित्सक की परीक्षा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बक्सा में हुआ और एक से लेकर आने के लिए सदर अस्पताल जौनपुर के लिए रेफर कर दिया गया।
पीड़ित यह भी आरोप लगाया है कि हरिनारायण यादव पेशे से अध्यापक हैं, और धन बाल में अधिक होने के कारण हमेशा उसके परिवार वालों को भद्दी भद्दी गालियां देते हैं और कहते हैं कि मेरी पकड़ बहुत ऊंचे लोगों में हैं फर्जी मुकदमे में फंसा कर जिंदगी बर्बाद कर देंगे। चौंकाने वाली बात यह है कि हरिनारायण ने अपना डॉक्टरी मुआयना सदर अस्पताल जौनपुर में कराए जहां डॉक्टर ने उनके मेडिकल रिपोर्ट में कोई गंभीर चोट नहीं पाया। लेकिन अध्यापक व उनके परिवार के लोगों ने प्राइवेट हॉस्पिटल डॉ.स्वाति यादव, पत्नी डॉ.आलोक कुमार यादव दुर्गा सिटी मोहल्ला नईगंज में जाकर नाजायज तरीके से धन का लाभ देकर अपने साजिश में लेकर हरिनारायण का फर्जी मेडिकल तैयार कराकर मुकदमा अपराध संख्या 78/22 को विवेचक को दे दिया। जिसमें विवेचक द्वारा धारा 308 की बढ़ोतरी कर दी गई। विवेचक ने दौरान विवेचना वादी के भाई वीरेंद्र यादव पुत्र राम मूरत यादव को धारा 308 के तहत डॉक्टरी के आधार पर जो डॉक्टर द्वारा फर्जी ढंग से तैयार किया गया था जेल भेज दिया। न्यायालय के आदेश पर जमानत पर रिहा हो गए। फर्जी मेडिकल रिपोर्ट के खिलाफ जिला अधिकारी को प्रमोद यादव ने प्रार्थना पत्र दिया कि इनका मेडिकल और एक्सरे पुनः कराया जाए। जिस पर जिलाधिकारी द्वारा जिला अस्पताल के लिए निर्देशित किया की डॉक्टरों की बोर्ड द्वारा जांच की जाए। बोर्ड का गठन हुआ घायल जिसका प्रâैक्चर बनाया गया था।
बोर्ड ने हरि नारायण यादव को संपूर्ण मेडिकल प्रपत्र के जांच हेतु मेडिकल बोर्ड के समक्ष उपस्थित होने के लिए आदेशित किया गया। लेकिन उक्त अध्यापक बोर्ड के दिए गए समय पर उपस्थित नहीं हुए। इसलिए दूसरी तिथि निर्धारित की गई। जहां वह २जून को मेडिकल संबंधित सभी प्रपत्रों के साथ उपस्थित हुए। बोर्ड प्राइवेट सीटी स्कैन का अवलोकन मेडिकल किया और उक्त मेडिकल व सिटी स्कैन में फर्जी रिपोर्ट तैयार की गई है। मेडिकल बोर्ड के डॉक्टरों ने पुन, सीटी स्कैन हेतु हायर ट्रामा सेंटर आईएमएस बीएचयू वाराणसी एक्सपर्ट ओपिनियन हेतु आदेशित किया। लेकिन चोटहिल हरिनारायण यादव आईएमएस बीएचयू वाराणसी सीटी स्कैन कराये जाने से साफ इनकार कर दिया, और उक्त आदेश मेडिकल प्रपत्र पर अंगूठा लगाने एवं प्रपत्रों पर अपना हस्ताक्षर करने से भी इनकार कर दिया। मेडिकल बोर्ड के आदेश का पालन हरिनारायण यादव द्वारा नहीं किया गया जिससे आप भली-भांति साबित हो जाता है कि उक्त चोटहिल हरी नारायण यादव का मेडिकल रिपोर्ट फर्जी एवं कूट रचित है, और प्रमोद यादव के परिजनों को फर्जी मुकदमें में फंसाने की नियत से तैयार कराया गया था। इस संबंध में हरिनारायण अध्यापक विवेचना अधिकारी और डॉ.स्वाति यादव पत्नी डॉ.आलोक यादव दुर्गा डायग्नोसिस सेंटर नईगंज के खिलाफ मामला दाखिल किया गया है। न्यायालय में दाखिल इस मुकदमे के मामले में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने थाना अध्यक्ष लाइन बाजार से आख्या मांगी है ताकि आगे की कार्रवाई पूरी की जा सके।

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