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E-Paper 19-08-2026

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Homeअपना जौनपुरनगरवासियों के आस्था का केंद्र है माता काली का मंदिर

नगरवासियों के आस्था का केंद्र है माता काली का मंदिर

  • मुंगरा चौरा मां काली का मंदिर है श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र
  • 1823 में राजाराम ऊमरवैश्य ने कराई थी मंदिर का निर्माण

जौनपुर धारा, मुंगराबादशाहपुर। कस्बे के गुड़हाई मोहल्ले में स्थित में प्राचीन व प्रसिद्ध चौरा मां काली का मंदिर श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र है। मान्यता है कि इस मंदिर में सच्चे मन से मांगी गई मुराद माता अवश्य पूरी करती है। नवरात्रों में मां के दर्शन के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु मंदिर पहुंचते हैं और अपनी हाज़िरी माता के दरबार में लगाते हैं। मुंगराबादशाहपुर नगर के गुड़हाई मोहल्ले के मालिया का गौड़ा स्थित चौरा मां काली का मंदिर का इतिहास लगभग 200साल से अधिक पुराना है। चौरा मां काली के इस मंदिर में प्रसाद चढ़ाने के लिए क्षेत्र के कोने-कोने से श्रद्धालु पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं का मानना है कि मंदिर में मांगी गई मुराद जरूर पूरी होती है। बुजुर्गों का कहना है कि उक्त मंदिर निर्माण के पहले इमली के पेड़ होता था इसी इमली के पेड़ के नीचे मां काली की प्रतिमा स्थापित है। जिसमें क्षेत्र के महिलाएं इमली के पेड़ के नीचे प्रसाद बनाकर भोग लगाती हैं और उनकी मुरादे भी पूरी होती है। जिसको लेकर मुंगरा बादशाहपुर कस्बे के निवासी स्वर्गीय राजाराम ऊमरवैश्य ने पुत्र प्राप्ति को लेकर उन्होंने चौरा मां काली से कामना की। जिसका फल स्वरुप रहा कि कुछ महीनों के बाद उन्हें पुत्र प्राप्ति हुई। जिसको लेकर उन्होंने 1823 में मंदिर का निर्माण कराया। नगर के नवविवाहित दंपत्ति शादी के बाद सुख शांति व समृद्धि के लिए चौरा मां काली का आशीर्वाद लेकर अपने जीवन की शुरुआत करती हैं। चैत्र व शारदीय नवरात्र में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। साल भर में कई बार भजन संध्या सहित पर विशाल भंडारे का आयोजन होता है। मंदिर के पुजारी बाबा माली के पूर्वज कई दशकों से मंदिर की देखभाल और पूजा अर्चना करते चले आ रहे हैं।मंदिर के पुजारी बाबा माली ने बताया कि मंदिर पहले 7 से 8 विस्वा में स्थापित था इसके बाद यह 4 बिस्वा में सिमटकर रह गया है। पंचमी के दिन मां का विशेष श्रृंगार होता है। कस्बे के निवासी शिव प्रसाद बबलू द्वारा चैत्र व शारदीय नवरात्र में मां का विशेष सजावट का भव्य श्रृंगार तथा रोजाना नए नए व्यंजनों का प्रसाद वितरण किया जाता है। फिलहाल मुंगरा बादशाहपुर कस्बे के गुड़ाई मोहल्ले के चौरा मां काली का मंदिर आस्था का केंद्र बना  है।