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दूरदृष्टा और राष्ट्र के सजग प्रहरी थे रज्जू भैया : प्रो. आरएन त्रिपाठी

  • मितव्ययता के प्रतीक थे रज्जू भैया: डॉ कुलदीप जी

जौनपुर धारा, सरायख्वाजा। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय स्थित प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया) भौतिकीय विज्ञान अध्ययन एवं शोध संस्थान के द्वारा प्रो राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया) की जन्मजयंती की पूर्व संध्या पर प्रो राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया): जीवन एवं दर्शन विषय पर स्मृति व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस व्याख्यान के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के सदस्य प्रो. आरएन त्रिपाठी ने कहा कि प्रो. राजेंद्र सिंह सरलता, सहजता व आत्मीयता के प्रतिमूर्ति थे। इसी कारण लोग प्रो. राजेंद्र सिंह को  की प्यार से रज्जू भैया कहते थे। उन्होंने रज्जू भैया के जीवन के ऊपर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने रज्जू भैया के राजनीतिक प्रभाव के बारे में चर्चा करते हुए बताया कि नानाजी देशमुख रज्जू भैया से प्रभावित होकर चित्रकूट में ग्रामोदय का कार्य प्रारंभ किया। व्याख्यान में मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. कुलदीप पांडेय ने बताया कि रज्जू भैया बचपन से ही बहुत मेधावी रहे और वह इलाहाबाद विश्वविद्यालय से शिक्षा ग्रहण की तथा वहीं पर भौतिकी विभाग में प्राध्यापक नियुक्त हुए। समाजिक व राष्ट्र कार्य में रुचि के कारण विद्यार्थी जीवन में ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े और बाद में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के चर्तुथ सरसंघचालक हुए। डॉक्टर पांडे ने बताया की समाज के लिए रज्जू भैया ने अपने पूरा जीवन समर्पित कर दिया तथा मितव्ययता से अपने जीवन को व्यतीत किया। इस अवसर पर ने अतिथियों ने रज्जू भैया संस्थान में स्थित प्रो राजेंद्र सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। अतिथियों का स्वागत रज्जू भैया संस्थान के निदेशक  प्रो. देवराज सिंह ने किया। व्याख्यान का विषय प्रवर्तन डॉ. नितेश जायसवाल ने किया किया। कार्यक्रम का संचालन विवेक श्रीवास्तव तथा धन्यवाद ज्ञापन शशिकांत यादव ने किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के आचार्य प्रो. मानस पांडेय, प्रो. विक्रम देव, डॉ. मनोज मिश्र, डॉ. प्रमोद यादव, डॉ. प्रमोद कुमार, डॉ. गिरधर मिश्रा, डॉ. पुनीत धवन डॉ. नीरज अवस्थी, डॉ. श्याम कन्हैया सिंह, डॉ. दिनेश कुमार वर्मा, डॉ. अजीत सिंह और अन्य शिक्षक उपस्थित रहे।