जौनपुर धारा, खुटहन। बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर को अपना आदर्श मानने वाले दलित विरादरी के लोग उनकी जयंती के दिन भी उनके बताए मार्ग को आत्मसात नहीं कर पा रहे हैं। जिसका प्रत्यक्ष उदाहरण लवायन गांव के बीच का पुरवा है। जहां तीन दिनों पूर्व दशकों से संचालित सामूहिक मार्ग को दलितों के द्वारा जबरन बंद कर दिए जाने का मामला थाने पहुंचा तो पुलिस ने तत्काल मार्ग तो खुलवा दिया। लेकिन शुक्रवार को वहां जुटे दर्जनों की संख्या में मनबढ़ों ने फिर से रास्ता बंद करने का प्रयास किया। ग्रामीणों के समझाने के बाद पैदल मार्ग तो खोल दिया है। लेकिन वे लगातार दलित उत्पीड़न में फंसाने की धमकियां दे रहे हैं। भयभीत पीड़ित शिव शंकर उपाध्याय, राजेश, सुरेश, अखिलेश,डब्बू सिंह, अरविंद, गुड्डू, प्रकाश, मुन्ना उपाध्याय आदि बस्ती के लोगों ने थाने में तहरीर दिया है। बस्ती में आवागमन के लिए उक्त मार्ग पचासों वर्ष से संचालित है। ग्राम प्रधान के द्वारा उस पर खड़ंजा भी लगवा दिया है। तीन दिनों पूर्व खड़ज़े के चौरा माता मंदिर पर दलित समुदाय के लोगों ने बांस बल्ली घेरकर रास्ता बंद कर दिया था। जिसके विरोध में वस्ती निवासी दर्जन भर लोगों ने थाने में तहरीर दिया था। मौके पर पहुंची पुलिस ने तत्काल रास्ता खाली करा दिया था। आरोप है कि शुक्रवार को दर्जनों के संख्या में लाठी डंडा लेकर चौरा माता मंदिर पर पहुंचे दलित बिरादरी के लोगों ने फिर से मार्ग बंद करने का प्रयास किया जिसका विरोध करने पर उन्हें दलित उत्पीड़न में फंसा देने की धमकी दी जा रही है। पीड़ितों ने थाने में एक दर्जन से अधिक दलित युवकों के खिलाफ तहरीर दिया है। प्रभारी निरीक्षक इंस्पेक्टर राजेश यादव ने कहा कि पूर्व की भांति मार्ग संचालित रहेगा। यदि न्यायालय से कोई नवीन आदेश होता है तो उसका अनुपालन किया जायेगा।
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E-Paper 19-08-2026
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थाने में समझौते के बाद भी दबंगई के बल पर रास्ता रोक रहे दलित
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