जौनपुर धारा, जौनपुर। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु तिलकधारी महाविद्यालय में गठित विभिन्न समितियों में महत्वपूर्ण समिति ‘मेंटरिंग एवं मनोवैज्ञानिक परामर्श प्रकोष्ठ’ की एक बैठक शुक्रवार को अंग्रेजी विभागाध्यक्ष प्रो. वन्दना दूबे की अध्यक्षता में संपन्न हुई। अगले क्रम में अध्यक्ष के साथ ही सभी सदस्यों ने कला संकाय के छात्र व छात्राओं को संबोधित किया। प्रो. वन्दना दूबे ने समिति के उद्देश्यों को बताते हुए ‘मेंटरिंग’, ‘काउंसलिंग’, ‘कोचिंग’, ‘टीचिंग’, ‘मैनेजमेंट’ व ‘फैसिलिटेटर’ जैसे शब्दों की विभिन्नता को स्पष्ट किया और बताया कि किस प्रकार एक अध्यापक अलग-अलग समय में ये सभी भूमिका निभाता है। डॉ. सुनील कुमार ने मेंटर-मेंटी संबंधों पर प्रकाश डाला। डॉ. सुशील कुमार ने वास्तविक उदाहरण देकर एक मेंटर की वजह से छात्र के जीवन में आने वाले परिवर्तनों को बताया तथा डॉ. आशुतोष ने जीवन में तर्कशक्ति की महत्ता को बताया। इस अवसर पर डॉ. अनिल कुमार, डॉक्टर छाया सिंह तथा कुंवर शेखर गुप्ता उपस्थित रहे। संचालन डॉ. शुभ्रा सिंह तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ. बृजेन्द्र सिंह ने किया।
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तिलकधारी महाविद्यालय में समिति की बैठक आयोजित

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