देश से बंधुआ मजदूरी की कुप्रथा का सालों पहले अंत हो गया है. लेकिन आज भी देश के कुछ हिस्सों में दंबग बदमाशों, ठेकेदारों और सूदखोरों द्वारा गरीब और असहाय लोगों को पैसों और मदद की लालच देकर इस वारदात को अंजाम दिया जाता है. ऐसा ही एक मामला उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले से सामने आया है.
दरअसल चित्रकूट जिले के रहने वाले 23 से 24 मजदूरों को कर्नाटक में मजदूरी कराने के नाम पर बंदुआ बना लिया गया था. जिसकी शिकायत मिलने पर चित्रकूट के उप जिलाधिकारी ने प्रशासन की ओर से टीम गठित कर मामले में कार्रवाई करवाते हुए सभी को आजाद करा दिया है. प्रशासन की मदद से आजाद हुए मजदूर जब घर पहुंचे तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं था. गौरतलब है कि, चित्रकूट जिले के विकासखंड मानिकपुर के ग्राम पंचायत सरैयां के मजरा विनय नगर काली घाटी के 23 से 24 मजदूर परिवार मजदूरी के लिए कर्नाटक गए हुए थे.मजदूरों का कहना था कि, उन्हें दत्तात्रेयी नाम का ठेकेदार कर्नाटक के लक्ष्मीनगर सागर थाना संगारेड्डी जनपद संगारेड्डी मजदूरी के लिए लेकर गया था. लेकिन वहां ले जाने के बाद सभी को बंधक बना लिया और जबरन सभी से मजदूरी करा रहा था. किसी को घर या फिर कहीं आने-जाने की आजादी नहीं थी.इतना ही नहीं पैसे मांगने पर ठेकेदार और भट्टा मालिक द्वारा उनके साथ मारपीट की जा रही थी.जैसे ही इसकी शिकायत मजदूरों के परिजनों को मिली उन्होंने सभी की आजादी के लिए प्रशासन से गुहार लगानी शुरू कर दी. पीड़ित परिजनों की शिकायत के बाद प्रशासन हरकत में आया और सभी को आजाद कराकर घर वापस लेकर आया. जिसके बाद पुलिस वहां पहुंची और मामले में जानकारी जुटाते हुए सभी मजदूरों को आजाद करा दिया है.वहीं मानिकपुर थाने के थाना अध्यक्ष वी.पी. सिंह का कहना है कि, चित्रकूट जिले के रहने वाले ठेकेदार दत्तात्रेयी ने मजदूरों को कर्नाटक ले जाकर दूसरे ठेकेदार को बेंच दिया था. फिलहाल उस ठेकेदार को पैसे देकर सभी को घर वापस भेज दिया गया है. जबकि आरोपी ठेकेदार दत्तात्रेयी के खिलाफ जांच-पड़ताल की जा रही है.साक्ष्य मिलने पर आगे कार्यवाही की जाएगी.



