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आत्म अनुशासन विकसित करने का माध्यम है योग : प्रो.आलोक सिंह

जौनपुर धारा, जौनपुर। तिलकधारी महाविद्यालय के उमानाथ सिंह इण्डोर स्टेडियम में बी.एड.विभाग के तत्वाधान में आयोजित पंच दिवसीय योग प्रशिक्षण शिविर के समापन समारोह के अवसर पर मुख्य अतिथि के रुप में प्राचार्य प्रो.आलोक कुमार सिंह ने कहा कि योग जीवन में अनुशासन विकसित करने का सशक्त माध्यम है। जिसके द्वारा विद्यार्थी अपने जीवन में सफलता के शिखर तक पहुंचने में सक्षम होता है। बीएड विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो.अजय कुमार दुबे ने कहा कि स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मस्तिष्क का विकास होता है। इसलिए आवश्यक है कि योग के माध्यम से विद्यार्थियों को हमेशा स्वस्थ रखने का प्रयत्न करते रहना है। प्रशिक्षु शिक्षकों के अन्दर समय बद्धता एवं नियम का विकास होगा।योग प्रशिक्षण शिविर के प्रमुख प्रशिक्षक योगाचार्य डॉ.जितेंद्र प्रताप सिंह ने 11 से 15 दिसम्बर तक पांच दिवसों में योग के सैद्धांतिक एवं क्रियात्मक पक्षों से विद्यार्थियों को अवगत कराया। महाविद्यालय की मुख्य अनुशास्ता प्रोफेसर रीता सिंह ने उसने कहा कि योग सभी के जीवन के लिए अत्यधिक आवश्यक है और यह स्वयं के साथ-साथ समाज के लिए भी अत्यधिक महत्वपूर्ण है। डॉ.सुलेखा सिंह ने योग के विभिन्न सैद्धांतिक और व्यावहारिक पहलुओं से अवगत कराया। डॉ.वंदना शुक्ला ने कहा कि जीवन में योग और स्वास्थ्य अत्यधिक महत्वपूर्ण है। इस पर विस्तार से अवगत कराया। डॉ.अरविन्द कुमार सिंह ने अनुशासन को योग से जोड़ते हुए विद्यार्थियों को प्रतिदिन योगाभ्यास करते रहने पर बल दिया।डॉ.प्रशांत कुमार पांडेय  ने कहा कि योग हमारे दिनचर्या का अभिन्न अंग है। इस अवसर पह डॉ.सीमांत राय ने भी सक्रिय सहभागिता किया। समापन समारोह का संचालन असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ.प्रशांत कुमार पाण्डेय बीएड विभाग ने  एवं अतिथियों के प्रति आभार ज्ञापन असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ.गीता सिंह ने किया। इस अवसर पर बीएड एवं एमएड के समस्त विद्यार्थी योग के विभिन्न मुद्राओं का प्रदर्शन किया।

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