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सिर-कमर और गर्दन में गोली, अतीक अहमद को 8 गोलियों से किया गया छलनी

प्रयागराज. माफिया से नेता बने अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ अहमद की प्रयागराज के एक अस्पताल के बाहर शनिवार रात गोली मारकर हत्या कर दी गई. दोनों भाइयों को मेडिकल जांच के लिए अस्पताल लाया गया था, जहां मीडियाकर्मी के वेश में तीन अपराधियों ने अंधाधुंध फायरिंग कर दोनों की हत्या कर दी. जानकारी के मुताबिक, घटनास्थल पर 8 से 10 राउंड गोलियां चलाई गईं, जिसमें से अतीक को 8 गोली लगी, जबकि अशरफ को 5 गोलियां लगी हैं. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में ये बातें सामने आई हैं. पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई है.

रविवार दोपहर यहां के एक अस्पताल में चार डॉक्टरों के एक पैनल की निगरानी में अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ अहमद का पोस्टमॉर्टम किया गया, जिसमें अतीक को 8 गोलियां लगने का जिक्र है. एक गोली सिर में, एक कमर में, एक छाती में और एक गोली अतीक के गर्दन में लगी. वहीं, अशरफ को 5 गोलियां (1 गले में, एक कलाई में, एक पीठ में, एक पेट में, एक कमर में) लगी हैं. पिरोप्ट के मुताबिक तीन गोलियां अशरफ के शरीर के अंदर मिलीं, जबकि दो गोली उसके शरीर के आरपार हो गई थी. पोस्टमॉर्टम करने वालों में डॉक्टरों में डॉ. दिनेश कुमार सिंह, डॉ. रविंद्र सिंह, डॉ. बृजेश पटेल और डॉ. दीपक तिवारी शामिल थे. इनके अलावा एक वीडियोग्राफर रोहित कनौजिया भी पोस्टमॉर्टम के दौरान वहां मौजूद थे. उत्तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने घटना की उच्‍च स्‍तरीय जांच का आदेश देते हुए तीन सदस्यीय जांच आयोग के गठन के निर्देश दिये हैं. वहीं, घटना के बाद उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है. अहमद और उसके भाई अशरफ को 2005 के उमेश पाल हत्याकांड के सिलसिले में सुनवाई के लिए यहां लाया गया था. बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के विधायक राजू पाल की हत्या के मामले के मुख्य गवाह उमेश पाल और उनके दो पुलिस सुरक्षा गार्ड की 24 फरवरी को उनके धूमनगंज स्थित आवास के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. उमेश पाल की पत्नी जया पाल द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर 25 फरवरी को अहमद, अशरफ, अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन, दो बेटों, गुड्डू मुस्लिम और गुलाम और नौ अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था. उत्तर प्रदेश पुलिस की एक टीम 2006 के उमेश पाल अपहरण मामले में अतीक और अशरफ को एक अदालत में पेश करने के लिए गुजरात के अहमदाबाद में उच्च सुरक्षा वाली साबरमती केंद्रीय जेल से 26 मार्च को प्रयागराज ले आई. अदालत ने 28 मार्च को अपहरण मामले में अहमद और दो अन्य को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी. पुलिस ने कहा कि अहमद पर उमेश पाल हत्याकांड सहित 100 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं.

जिन सबसे सनसनीखेज हत्याओं में अहमद कथित रूप से शामिल था, उनमें तत्कालीन बसपा विधायक राजू पाल की हत्या का मामला भी शामिल था, जिनकी 2005 में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. अहमद ने सुरक्षा के लिए उच्चतम न्यायालय का रुख किया था, जिसमें दावा किया गया कि उसे और उसके परिवार को उमेश पाल हत्याकांड में झूठा फंसाया गया है और उसने आशंका जताई कि उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा उसे फर्जी मुठभेड़ में मारा जा सकता है.

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