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संक्रमित मादा क्यूलेक्स मच्छर के काटने से फैलता है फाइलेरिया रोग : सीएमओ

जौनपुर धारा, जौनपुर। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.लक्ष्मी सिंह ने पत्रकार वार्ता के दौरान बताया कि फाइलेरिया वुचरेरिया बैंकोफ्टाई परजीवी से होने वाली बीमारी है। फाइलेरिया रोग संक्रमित मादा क्यूलेक्स मच्छर के काटने से फैलता है। क्यूलेक्स मच्छर ठहरे गन्दे पानी में पनपता है। बीमारी से बचने के लिए अपने आस-पास गन्दा पानी इकट्ठा नहीं होने देना है। बीमारी से बचने के लिए पूरे आस्तीन का शर्ट एवं पैंट पहनने की आवश्यकता है। रात में सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करना उचित है। फाइलेरिया रोग का लक्षण संकमित मच्छर के काटने के 10 से 15 साल बाद परिलक्षित होता है। हाथ पैर में सूजन, स्तन में सूजन एवं हाइड्रोसील फाइलेरिया के मुख्य लक्षण हैं। फाइलेरिया का लक्षण आने के बाद आजीवन लक्षण समाप्त नहीं होता है, इसलिए आवश्यक है कि लक्षण परिलक्षित न हो। विशेषज्ञों ने अनुसन्धान के बाद यह पाया है कि वर्ष में एक बार डी.ई.सी.एवं एल्बेण्डाजाल की एक खुराक लगातार पाँच साल तक सेवन करने से संक्रमित व्यक्ति के अन्दर फाइलेरिया के लक्षण नहीं होते हैं। फाइलेरिया जानलेवा बीमारी नहीं है, परन्तु फाइलेरिया के कारण अपंगता जैसी स्थित होती है। जिसके कारण फाइलेरिया रोगी का नियमित जीवन अनियमित हो जाता है एवं प्रायः वह बीमार रहता है। एमडीए कार्यकम के पूर्व सभी ब्लाकों में रात्रि रक्त पट्टिका संग्रह कराया जाता है, जाँच में जिस ब्लाक में माइको फाइलेरिया दर एक या एक से अधिक होता है वहाँ पर मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन कार्यकम संचालित किया जाता है। सामु0स्वा0केन्द्र मछलीशहर में 10 से 28 फरवरी 2024 तक मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन कार्यक्रम चलाया जाना हैं। कार्यक्रम के अन्तर्गत मछलीशहर में कुल 294804 जनसंख्या को 237 टीम के 474 दवा सेवक घर घर जाकर आयुवर्ग के अनुसार अपने सामने दवा खिलायेंगे। दवा वितरकों के कार्य के पर्यवेक्षण हेतु कुल 45 पर्यवेक्षक लगाये गये हैं। समस्त टीम अपने कार्य क्षेत्र में पड़ने वाले विद्यालय में दोपहर के बाद मध्यान्ह भोजन के बाद बच्चों को अपने सामने दवा खिलायेंगे। जनपद स्तर से सामु0 स्वा0केन्द्र मछलीशहर को पाँच क्षेत्रों में विभक्त कर प्रत्येक क्षेत्र का पर्यवेक्षण मलेरिया/फाइलेरिया निरीक्षक से कराया जायेगा। अभियान के अन्तर्गत आयु वर्ग के अनुसार निर्धारित डीईसी एवं एलबेन्डाजाल गोली की एक खुराक खिलायी जायेगी। खाली पेट दवा का सेवन नहीं करना है। दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं व अधिक बीमार व्यक्तियों को दवा नहीं खानी हैं।