जौनपुर। शुक्रवार को शिक्षक दिवस के अवसर पर नगर के होटल में राज्यमंत्री गिरीश चन्द्र यादव की उपस्थिति में सेवानिवृत्त शिक्षकों के सम्मान में ‘गुरुश्रेष्ठ सम्मान समारोहÓ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में ऐसे गुरुजनों का जिन्होंने अपना संपूर्ण जीवन शिक्षक के रूप में देखकर समाज के लाखों छात्रों को ऊंचाइयों तक पहुंचाया, जिनके द्वारा शिक्षित किए गए छात्र विभिन्न क्षेत्रों में देश के निर्माण में अपना योगदान दे रहे हैं। गुरुश्रेष्ठ सम्मान समारोह कार्यक्रम का शुभारंभ राज्यमंत्री सहित मंचासिन अतिथि सेवानिवृत शिक्षकों सतिह नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष मनोरमा मौर्या द्वारा सरस्वती की प्रतिमा व शिक्षाविद पूर्व राष्ट्रपति डॉ.सर्वपल्ली राधाकृष्णन की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलित कर तथा पुष्प अर्पित कर किया गया।तत्पश्चात राज्यमंत्री मंचासीन गुरुजनों को माला पहनाकर, अंगवस्त्रम प्रदान कर तथा सरस्वती की प्रतिमा का स्मृति चिन्ह भेटकर स्वागत व अभिनंदन किया गया। इसके पश्चात मंत्री द्वारा सभागार में उपस्थित सभी गुरुजनों के पास जाकर शॉल व मां सरस्वती की प्रतिमा वाला स्मृति चिन्ह भेटकर गुरुजनो का आशीर्वाद प्राप्त किया गया। राज्यमंत्री ने अपने उद्बोधन में कहा कि डॉ.सर्वपल्ली राधाकृष्णन भारत के द्वितीय राष्ट्रपति, तथा प्रसिद्ध दार्शनिक, शिक्षाविद तथा राजनेता थे। उनकी प्रसिद्धि का मुख्य कारण भारतीय दर्शन और संस्कृति का पश्चिमी देशों में परिचय कराना, शिक्षा के क्षेत्र में उनके महत्वपूर्ण योगदान, और उनके उत्कृष्ट मानवीय गुणों का था, उनके सम्मान में भारत में हर साल 05 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है। कार्यक्रम के अंत में राज्य मंत्री ने उपस्थित सभी गुरूजनो के प्रति आभार प्रकट किया और कहा कि भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम करता रहूंगा आप सबके आशीर्वाद से नव ऊर्जा का संचार और संबल प्राप्त होता है। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से सेवानिवृत शिक्षक जीत बहादुर सिंह, उर्मिला सिंह, माला श्रीवास्तव, मेवा लाल गौतम जी, डा. सतेन्द्र सिंह जी, सहित अन्य शिक्षक गण उपस्थित रहे।
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राज्यमंत्री ने शिक्षकों को किया सम्मानित



