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हाइब्रिड युद्ध: 21वीं सदी की अदृश्य चुनौती और भारत की सुरक्षा

यह छवि हाइब्रिड युद्ध की अवधारणा को दर्शाती है जिसमें साइबर हमले, सूचना युद्ध, आर्थिक दबाव और डिजिटल सुरक्षा शामिल हैं। यह आधुनिक युद्ध की बदलती प्रकृति और भारत की सुरक्षा रणनीति को समझाने में मदद करती है। इसमें यह दिखाया गया है कि कैसे तकनीक और डेटा आधुनिक युद्ध का मुख्य हिस्सा बन चुके हैं और राष्ट्र की सुरक्षा केवल सेना पर नहीं बल्कि डिजिटल सिस्टम और नागरिक जागरूकता पर भी निर्भर करती है।
Homeअपना जौनपुरमुख्यमंत्री के आदेशों को ठेंगा दिखा रहा प्रशासन

मुख्यमंत्री के आदेशों को ठेंगा दिखा रहा प्रशासन

  • छुट्टा पशु सड़क, खेत खलिहानों व बाजारों में घूम रहे, जिम्मेदार बेखबर

जौनपुर धारा, जौनपुर। शासन के निर्देश के बाद भी सड़कों, खेत खलिहानों व बाजारों में घूम रहे आवारा पशुओं को संरक्षित नहीं किया जा सका। जिम्मेदार अधिकारी इसमें पूरी तरह नाकाम होते दिख रहे हैं। गौशाला की बद्तर स्थिति की खबर आये दिन अखबारों में प्रकाशित होती रहती है एक ऐसे ही गौशाला की बदहाल स्थिति को उजागर करने वाले पत्रकारों पर मुकदमा होने की खबर इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। खबर प्रकाशित होने के बाद पूरे प्रदेश में गौशाला को लेकर हड़कंप मच गया। बता दे कि तहसील अंतर्गत आवारा पशुओं को संरक्षित करने के लिए लगभग 6 से 7 गौशाला बनाया गया है बाबजूद इसके भी मवेशी छुट्टा घूम रहे हैं। गो संरक्षण केंद्रों में पशु चिकित्सकों को उनकी देखभाल की जिम्मेदारी दी गई है। इसके बावजूद शहर की सड़कों, चौराहों व बाजारों से लेकर गांव में खेत खलिहानों में आवारा मवेशी खुले घूम रहे हैं। इनको हर हाल में 31 मार्च तक संरक्षित करने का निर्देश शासन ने जिम्मेदारों को दिया था। लेकिन समय सीमा के भीतर इन्हें संरक्षित नहीं किया जा सका। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को पांच अप्रैल तक की मोहलत दी गई थी जिसकी मियाद अब पूरी ही चुकी है बाबजूद इसके भी आवारा पशु सड़क, खेत, खलियानों में घूमते हुए आये दिन देखने को मिल ही जाते हंै। अब देखना यह है कि गैरजिम्मेदार अधिकारी व कर्मचारी पर उच्चाधिकारी द्वारा क्या कार्यवाही की जाती है देखना दिलचस्प होगा।

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