- अखण्ड मानस पाठ के बाद 24वीं पुण्यतिथि मनाई गई
- महापुरूषों की श्रेणी में आते हैं कमलापति पाण्डेय
जौनपुर धारा, जौनपुर। पंडित कमलापति पाण्डेय महापुरूषों की श्रेणी में आते हैं, वे सहजता और सरलता की प्रतिमूर्ति थे। विद्यालय संचालन में आने वाली दिक्कतों को उनके द्वारा पहले ही भांप लिया जाता था। वे उन समस्याओं का ससमय हल भी निकाल लेते थे। इसलिये उन्हे दूरदर्शी व्यक्तित्व का धनी भी कहा जाता रहा है। उनके पदचिन्हों पर चलना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धाजंलि होगी। उक्त बातें श्री कमलापति पाण्डेय इंटर कालेज के प्रबन्धक संजीव कुमार पाण्डेय ने कहीं। वे कालेज परिसर में आयोजित पंडित जी की 24वीं पुण्यतिथि के अवसर पर उपस्थित लोगों को सम्बोधित कर रहे थे। प्रधानाचार्य डा. शंकराचार्य तिवारी ने पंडित जी को महान आत्मा से सम्बोधित करते हुए कहा कि ऐसे महापुरूषों की आत्मायें उनके कर्मस्थल में ही विलीन हो जाती हैं। हमें उन्हे पदचिन्हों का अनुसरण करते हुए विद्यालय रूपी बगिया को अध्ययन अध्यापन से सींचना चाहिये। डा. संदीप पाण्डेय ने कहा कि पंडित जी जो भी यश कमाते थे वे श्री कृष्ण जी के चरणों में अर्पित कर देते थे। इसके पूर्व कालेज परिसर में स्थित हनुमान मंदिर पर आयोजित अखण्ड मानस पाठ के समापन के पश्चात उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किया गया। वक्ताओं में मंगलेश पाण्डेय, आईबी मिश्रा, उमाकान्त गिरि, श्रीभवन तिवारी, श्वेता पाण्डेय, यशवन्त राव, सनाउल्लाह अंसारी आदि ने उनकी जीवनी पर प्रकाश डाला और श्रद्धाजंलि अर्पित की। कार्यक्रम का संचालन प्रवक्ता जितेन्द्र ने किया। इस अवसर पर रितेश चतुर्वेदी, गौरीशंकर यादव, अजीत गुप्ता, कहकशां आब्दी, रिमझिम सोनी आदि लोग उपस्थित रहे। अन्त में प्रबन्धक संजीव पाण्डेय ने सभी आगन्तुकों के प्रति आभार प्रकट किया।



