- मोहम्मद हसन पीजी कालेज में संगोष्ठी का हुआ आयोजन
जौनपुर धारा, जौनपुर। मोहम्मद हसन पीजी कॉलेज में भौतिक विज्ञान में एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी का मुख्य विषय नैनो तकनीकी था। अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. अब्दुल कादिर खान ने की एवं मुख्य अतिथि किंग अब्दुल अजीज विश्वविद्यालय जद्दा सऊदी अरब के प्रोफेसर डॉ. प्रिंस मुफ्ती जैनुल हसन रहे। मुख्य अतिथि का सर्वप्रथम प्राचार्य डॉ. अब्दुल कादिर खान ने पुष्प एवं बुके देकर स्वागत किया। मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में कहा कि नैनो तकनीकी विज्ञान के क्षेत्र में बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है। नैनो तकनीक के द्वारा हम अनेकों कार्यों को बहुत ही आसानी से कर सकते हैं। नैनो तकनीकी के द्वारा कैंसर की जल्द ही दवाओं का विकास होने जा रहा है जिससे कैंसर सेल शरीर से समाप्त हो सकती है जो शीघ्र ही इस तकनीक के द्वारा संभव हो जाएगी। दुनिया की गंभीर बीमारी से बचा जा सकता है। पुरानी मिठाइयों की रक्षा करने में सहायक सिल्वर कवर का नैनो तकनीक का अहम योगदान है। उन्होंने छात्र छात्राओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि संघर्ष ही जीवन को सफल बनाता है। सफल बनने के लिए हमें अपनी दिनचर्या एवं कक्षा कार्यों से हटकर प्रतिदिन 3 घंटे अपने लक्ष्य के लिए जरूर देना चाहिए। अंत में प्राचार्य एवं कॉलेज की प्रशंसा की और कहाकि प्राचार्य डॉ. अब्दुल कादिर खान के संघर्षों की बदौलत जनपद ही नहीं बल्कि देश में मोहम्मद हसन पीजी कॉलेज पहचाना जाता है। प्राचार्य डॉ. अब्दुल कादिर खान ने कहा विज्ञान के क्षेत्र में नैनो तकनीकी का अहम योगदान है। इस क्षेत्र में रिसर्चरों के द्वारा लगातार कार्य किया जा रहा है। अलग-अलग देशों में रहकर भारत देश के वैज्ञानिक एवं रिसर्चर ने अपने देश का नाम रौशन किया है। प्रोफेसर जैनुल हसन का एक मध्यम परिवार से निकलकर सऊदी अरब देश के बड़े विश्वविद्यालय में स्थापित होना यह उनके संघर्षों का ही नतीजा है जो हर्ष का विषय है। प्रोफेसर डॉ. जैनुल हसन ने यूरोप एवं अमेरिका जैसे देश में सेमिनार में प्रतिभाग भी किया है एवं नैनो तकनीक पर शोध कार्य भी कर रहे हैं। इस मौके पर डॉ. यूपी सिंह, डॉ. सर्वेंद्र विक्रम सिंह, डॉ. आशुतोष त्रिपाठी, डॉ. जीवन यादव, प्रवीण यादव, अहमद अब्बास खान, महाविद्यालय परिवार इत्यादि छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।



