इंटरनेट आज हम सब की जरूरत बन गया है और आज बिना सोशल मीडिया को स्क्रोल किए लोगों को चैन नहीं आता. दिन में एक न एक बार हर व्यक्ति अपने सोशल मीडिया अकाउंट को देखता है और दुनियाभर में हो रही तमाम अपडेट को जानता है. कुछ लोग तो ऐसे हैं जो सोशल मीडिया जैसे कि ट्विटर, फेसबुक इंस्टाग्राम पर घंटों एक्टिव रहते हैं. कई रिपोर्ट ये बात कह चुकी है की रील्स देखने में लोग अमूमन 4 से 5 घंटे का समय निकाल देते हैं. अगर आप भी एक ऐसे व्यक्ति हैं या आपके परिवार में कोई ऐसा व्यक्ति है जिसे इंस्टाग्राम रील्स देखने की लत लग गई है और वह अमूमन दिन भर में 2 से 3 घंटे रील देखता है तो आज हम आपको एक तरीका बताने वाले हैं जिसके जरिए आप इसको कम कर सकते हैं. इसके लिए आपको इंस्टाग्राम ऐप को डिलीट करने की जरूरत नहीं है. सबसे पहले आप अपने स्मार्टफोन के सेटिंग में जाएं और फिर डिजिटल वेलबीइंग और पैरेंटल कंट्रोल ऑप्शन में आए. अगर आपने डिजिटल वेलबीइंग का सेटअप नहीं किया है तो पहले इसे सेट कर लें. डिजिटल वेलबीइंग सेटिंग में आकर डैशबोर्ड या योर डिजिटल वेलबीइंग टूल में क्लिक करें. अब यहां इंस्टाग्राम एप को चुने और टाइमर को सेट कर दें. आप स्लाइडर की मदद से टाइम को चुन सकते हैं और इस सेटिंग को सेव कर दें.अगर आप आईफोन में स्क्रीन टाइम लिमिट करना चाहते हैं तो इसके लिए आप सेटिंग ऑप्शन में जाकर स्क्रीन टाइम में आए. अगर आपने स्क्रीन टाइम पहले से ऑन नहीं किया है तो पहले इसे सेटअप कर लें. स्क्रीन टाइम सेटअप करने के बाद अपने डिवाइस के नाम पर क्लिक करें और ऐप लिमिट सेक्शन में आकर ऐड लिमिट में आए. अब इंस्टाग्राम को चुने और अपने हिसाब से टाइम को सेट कर इस सेटिंग को सेव कर दें.इंस्टाग्राम भी यूजर को स्क्रीन टाइम को लिमिट और बीच-बीच में ब्रेक लेने का ऑप्शन देता है. इस फीचर को ऑन करने के लिए आपको इंस्टाग्राम ओपन करना है और प्रोफाइल में आकर योर एक्टिविटी पर क्लिक करना है. यहां आपको टाइम स्पेंट का ऑप्शन मिलेगा. इस पर क्लिक करते ही आप ब्रेक टाइम और डेली स्क्रीन टाइम सेट कर सकते हैं. जैसे ही तय समय पूरा हो जाएगा तो इंस्टाग्राम आपको एक अलर्ट देगा जिसके बाद आप मोबाइल फोन से दूरी बना सकते हैं.
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जौनपुर में गमगीन माहौल में मनाया गया यौमे आशूरा, कर्बलाओं में सुपुर्द-ए-खाक किए गए ताजिए
जौनपुर में यौमे आशूरा पूरे श्रद्धा और गमगीन माहौल में मनाया गया। विभिन्न इमामबाड़ों से निकले मातमी जुलूसों के साथ ताजियों को कर्बलाओं में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। शामे गरीबां की मजलिस में कर्बला के शहीदों को खिराज-ए-अकीदत पेश की गई।
बिना सोशल मीडिया को स्क्रोल किए नहीं आता लोगों को चैन…


