पश्चिम बंगाल में 8 जुलाई को पंचायत चुनाव के लिए मतदान होना है. इससे पहले राज्य में सत्ताधारी पार्टी टीएमसी और राज्यपाल सीवी आनंद बोस के बीच ठनी हुई है. अब राज्यपाल ने सामाजिक एकता के लिए शांति समिति का गठन किया है.
राजभवन ने बयान जारी कर कहा, “राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने कलकत्ता हाई कोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस सुभ्रो कमल मुखर्जी की अध्यक्षता में एक शांति और सामाजिक एकीकरण समिति का गठन किया. सुभ्रो कमल ने रवींद्र भारती यूनिवर्सिटी (RBU) के अंतरिम कुलपति बनने की सहमति दी है. राजभवन की तरफ से बयान में कहा गया कि समिति समाज में हिंसा के खतरे को लेकर सर्वे करेगी. बता दें कि, अब तक राज्य में हिंसा के चलते 13 लोगों की मौत हो गई है. अब भी कई जगहों पर छिटपुट घटनाएं देखने को मिल रही हैं. राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने राज्य निर्वाचन आयुक्त (एसईसी) राजीव सिन्हा के उनसे मुलाकात करने के लिए राजभवन नहीं आने के बाद सिन्हा को एक सीलबंद लिफाफा भी भेजा. एक अधिकारी ने बुधवार को न्यूज़ एजेंसी पीटीआई को बताया कि सिन्हा ने तर्क दिया था कि वह चुनाव संबंधी कार्य में बहुत व्यस्त हैं और राज्यपाल से मिलने के लिए राजभवन नहीं आ सकेंगे. एक अधिकारी ने बुधवार को न्यूज़ एजेंसी पीटीआई को बताया कि राज्यपाल ने एसईसी को चुनाव संबंधी हिंसा की हालिया घटनाओं पर चर्चा करने के लिए राजभवन बुलाया था, लेकिन सिन्हा उनसे मिलने नहीं आए और उन्होंने कहा कि वह चुनाव संबंधी कार्य में व्यस्त हैं. इसके बाद बोस ने एसईसी को एक सीलबंद लिफाफा भेजा जिसमें संवेदनशील कागजात हैं. उन्होंने दस्तावेजों के विषय के बारे में कोई जानकारी नहीं दी. राज्यपाल ने दक्षिण 24 परगना जिले के कैनिंग, भांगर और बसंती और राज्य के उत्तरी हिस्से में स्थित दिनहाटा और सीताई में हिंसा प्रभावित इलाकों का दौरा किया था. राज्य में आठ जुलाई को त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव होंगे. इन चुनावों में लगभग 5.67 करोड़ लोग अपने मताधिकार का उपयोग कर सकेंगे.



