जौनपुर धारा, जौनपुर। ग्रामीण इलाकों में बरसात आने से पूर्व किसान पूरे परिवार के साथ वर्षा पूर्व की तैयारियों में जुट गए हैं। जिन लोगों के मकान खपरैल के हैं वे अपने घरों की मरम्मत कार्य में जुटे हुए हैं। कच्ची दीवारों पर लोग गोबर और मिट्टी मिलाकर लेपन का कार्य कर रहे हैं। छप्परों की छवाई का कार्य भी जोरों पर है। लोग बांस, सरपत और गन्ने के सूखे पत्तों, अरहर के डण्ठल से यह कार्य पूरा कर रहे हैं। घर गृहिणियां अचार, खटाई, सिरका बनाने में व्यस्त हैं। जिन क्षेत्रों में अरहर की पैदावार आज भी होती है वहां औरतें अरहर की दाल बना रहीं हैं। इस सम्बन्ध में गांव बामी की गृहणी पुष्पा सिंह कहती हैं कि अचार खटाई सिरके का कार्य बरसात से पहले पूरा हो जाना चाहिए क्योंकि इन्हें बरसात के पहले कई दिनों तक धूप दिखाने की जरूरत होती है। अगर ऐसा न किया गया तो अचार खटाई में फफूंद लग जाती है। आपको बताते चलें कि जनपद जौनपुर के युवाओं की एक बड़ी तादाद गुजरात महाराष्ट्र में रहकर कमाई करती है। शादी विवाह के चलते ज्यादातर प्रवासी ग्रामीण इलाकों में इस समय घर आते हैं और अपने कच्चे-पक्के मकानों की मरम्मत और नव निर्माण कार्य भी करवाते हैं जिसके चलते राजमिस्त्रियों की मांग बढ़ जाती है। इस समय पड़ रही भीषण गर्मी में मजदूर काम करने से कतरा रहें हैं। जिस कारण राजमिस्त्री और मजदूर खोजने में मुश्किल हो रही है। खेती के कार्यों में धान की नर्सरी डालने का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। जनपद में अप्रैल मई के महीने में कई बार छिट-पुट बारिश होने के कारण काफी संख्या में किसानों ने खेतों की जुताई करके छोड़े हुए हैं।
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कीचड़ में फंसी जिंदगी: सड़क के लिए ग्रामीणों का हल्ला बोल, मानसून से पहले निर्माण की मांग
मुंगराबादशाहपुर के सतहरिया गांव में वर्षों से जर्जर पड़े संपर्क मार्ग को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। कीचड़ और गड्ढों से भरी सड़क पर प्रदर्शन कर लोगों ने मानसून से पहले पक्की सड़क निर्माण शुरू कराने की मांग की।
ग्रामीण इलाकों में बारिश से पहले की तैयारियों में जुटे हैं किसान

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