जौनपुर धारा, गौराबादशाहपुर। एसडीएम केराकत नेहा मिश्रा ने वृहस्पतिवार की देर शाम केराकत क्षेत्र के विद्युत उपकेंद्र मुर्तजाबाद व विद्युत उपकेंद्र केराकत सहित पांच उपकेन्द्रों का दौरा किया। बिजली विभाग के कर्मचारियों के द्वारा चल रही हड़ताल को देखते हुए एसडीएम नेहा मिश्रा ने विद्युत उपकेंद्र पर मौजूद कर्मचारियों से वार्ता कर विद्युत सप्लाई चालू कराने का प्रयास किया, परंतु कर्मचारियों ने एसडीएम से बताया कि ऊपर से ही विद्युत सप्लाई बंद है। एसडीएम नेहा मिश्रा लगभग एक घंटे तक विद्युत उपकेंद्र पर मौजूद रहीं। उन्होंने उपकेंद्रों पर ग्रामीणों द्वारा किसी प्रकार का कोई उपद्रव न मचाया जाय इसके लिए थाना प्रभारियों को भी आवश्यक दिशा निर्देश दिया। एसडीएम ने मौजूद बिजली कर्मियों को समय से अपना अपना चार्ज सम्भालने के लिए भी निर्देश दिया। इस दौरान उनके साथ तहसीलदार केराकत भी मौजूद रहे।
हड़ताल से क्षेत्र में मचा हाहाकार
जौनपुर धारा, जौनपुर। मुफ्तीगंज विकास खंड में बिजली विभाग के कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने के कारण क्षेत्र में हाहाकार मच गया है। गुरूवार की रात से बिजली चले जाने से गांवो में पशुओं के लिए पानी की किल्लत हो गयी है वहीं कितने लोगों का मोबाइल स्वीच आफ हो गया। बिजली न रहने के कारण नेट वर्किंग भी नहीं चल रहा है। जिनके पास जनरेटर है वह जनरेटर चला कर पानी, मोबाइल की व्यवस्था कर ले रहे है। कुछ लोग सोलर लाइट से मोबाइल चार्ज कर ले रहे है जिनके पास कोई व्यवस्था नहीं है वह लोग इधर उधर भटक रहे हैं जबकि यह हड़ताल 72 घंटे की है।
विद्युत कर्मियों के हड़ताल से अंधेरे में डूबा क्षेत्र
जौनपुर धारा, चंदवक। विद्युत कर्मियों के प्रदेश व्यापी हड़ताल से पूरा क्षेत्र अंधेरे में डूब गया है जिसके कारण पेयजल की समस्या के अलावा रात में सोने के दौरान गर्मी के कारण लोग बिलबिला उठे। क्षेत्र में चंदवक, कसिली व बजरंगनगर फीडर से विद्युत आपूर्ति की जाती है। इन फीडरों पर तैनात विद्युतकर्मी प्रदेशव्यापी प्रस्तावित रात दस बजे से 72 घंटे की हड़ताल से पहले 6 बजे ही आपूर्ति बंद कर चले गए जिसके कारण लोगों को और भी परेशानी झेलनी पड़ी।
दस बजते ही पांचों फीडरों से विद्युत आपूर्ति ठप
जौनपुर धारा, खुटहन। विद्युत कर्मचारियों की हड़ताल के चलते उपकेंद्र से आच्छादित पांचों फीडरों की आपूर्ति गुरुवार की रात दस बजे से ठप पड़ गई है जिसके चलते विकास खंड के सेवित तीन सौ से अधिक राजस्व गांवों के हजारों कनेक्शनधारियों को तमाम फजीहतें झेलनी पड़ी। बगैर बिजली के पहली ही रात गुजारना ग्रामीणों के लिए भारी पड़ गया। दूसरे दिन शुक्रवार की शाम तक ग्रामीण आपूर्ति का इंतजार करते रह गये। मौसम सामान्य रहने के चलते भले ही वे उमस और गर्मी से बचे रहे, लेकिन अधिकांश परिवार मच्छरों के प्रकोप से रतजगा को विवश रहे। कुछ आर्थिक दृष्टि से समृद्ध परिवारों के घर इन्वर्टर की ब्यवस्था है। पहला दिन तो किसी ढंग से पार कर लिए। हड़ताल आगे बढ़ी तो वे भी इस मुसीबत से बच नहीं सकते। उपकेंद्र से संचालित नगवां फीडर, पट्टी नरेन्द्रपुर, शेरपुर, रसूलपुर और कपसिया फीडर की बिजली रात के दस बजे अचानक कट गई। पूरी रात और दूसरे दिन भी बिजली न आने से ग्रामीण परेशान रहे। घरों में पानी और खेतों की सिंचाई भी नहीं हो पा रही है। लोग अपना मोबाइल चार्ज करने के लिए इधर उधर भागते रहे।



