जौनपुर धारा, जौनपुर। छत्तीस घण्टे तक जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष करती हुई शाजिया ने आखिरकार गुरुवार देर रात जिला मुख्यालय स्थित एक निजी अस्पताल में दम तोड़ ही दिया। यह वही शाजिया है, जो क्षेत्र के सरायमोहिउद्दीनपुर स्थित इंग्लिश मीडियम प्राथमिक विद्यालय में कक्षा तीन में पढ़ रही थी। विगत बुधवार को विद्यालय की छुट्टी के बाद सड़क पार करने के दौरान तेज रफ्तार से निकल रही एक बाईक की चपेट में आ गयी थी जिसमें वह गम्भीर रूप से घायल हो गयी थी। चोट उसके सिर के अन्दरूनी हिस्से में आने से वह मौके पर ही बेहोशी की हालत में हो गई थी। फिलहाल आनन फानन में उसे शाहगंज स्थित एक निजी अस्पताल में ले जाया गया, जहां उसकी हालत नाजुक देख जिले के लिए रेफर कर दिया गया। मौके पर वह जिले के एक निजी अस्पताल में भर्ती थी। पिता अलाउद्दीन शाह की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण इधर गांव के कुछ लोग इलाज के लिए चन्दा भी इकट्ठा कर रहे थे कि इसी बीच गुरुवार देर रात शाजिया मौत से हार गई जिसकी सूचना पर परिवार में कोहराम मच गया। शाजिया अपने चार बहनों और एक भाई के बीच तीसरे स्थान पर थी। मृतका की मां मेहनाज का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना की जानकारी होते ही ग्रामीण मायूस दिखे। गांव के ही कब्रिस्तान में उसे सुपुर्देखाक कर दिया गया।
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…आखिरकार नहीं बच सकी शाजिया
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