जौनपुर धारा, जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय परिसर में चिकित्सालय कंजेक्टिवाइटिस आईफ्लू संक्रामक रोग पर जागरूकता संगोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें लोगों को आईफ्लू के लक्षण व बचने की जानकारी दी गई। संगोष्ठी को सम्बोधित करते हुए होम्योपैथ चिकित्सक डॉ.पुनीत सिंह ने कहा आई फ्लू वर्तमान समय में बहुत तेजी से फैलकर जनजीवन को प्रभावित कर रहा हैं। आंखों में जलन लाल होना पानी का स्राव पलके चिपक जाना इसका लक्षण है, एडिनो हरपर्स, सिंपलेक्स, मिक्सो वायरस इसके कारक है, फ्लू का लक्षण मिलते ही तुरन्त सतर्क होना चाहिए। इसमें होम्योपैथिक चिकित्सा बेहद कारगर है। लक्षण मिले तो इस बीमारी से संक्रमित व्यक्ति की हाथों से इस्तेमाल किए गए रूमाल आदि के इस्तेमाल से सम्पर्क आते ही संक्रमित करता है। इससे बचना चाहिए और साफ सफाई नियमों का पालन करें। कृत्रिम प्रकाश से बचें कंप्यूटर आदि पर कार्य करने से दूर रहें और विटामिन एबीवसी युक्त आहार का सेवन करें। मसालेदार तेल व खट्टी एल्कोहल चिजो का सेवन न करें। तेज हवा एवं धूप में चस्मे का प्रयोग करें। होम्योपैथिक दवाएं इसमें बहुत कारगर हैं, रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी मजबूत बनाते हैं। जिसमें हर वेतन अर्जेंटम नाइट्रिकम एलियन सेपा बेलाडोना पल्सेटिला सल्फर आदि दबाओ का योग्य चिकित्सक से परामर्श से ले सकते हैं। इस अवसर पर डॉ.अमर बहादुर, डॉ.राजेश पांडे, सुनील कुमार, मनोज सिंह, राजेश कुमार, अजीत कुमार मौजूद रहे।
― Advertisement ―
हाइब्रिड युद्ध: 21वीं सदी की अदृश्य चुनौती और भारत की सुरक्षा
यह छवि हाइब्रिड युद्ध की अवधारणा को दर्शाती है जिसमें साइबर हमले, सूचना युद्ध, आर्थिक दबाव और डिजिटल सुरक्षा शामिल हैं। यह आधुनिक युद्ध की बदलती प्रकृति और भारत की सुरक्षा रणनीति को समझाने में मदद करती है। इसमें यह दिखाया गया है कि कैसे तकनीक और डेटा आधुनिक युद्ध का मुख्य हिस्सा बन चुके हैं और राष्ट्र की सुरक्षा केवल सेना पर नहीं बल्कि डिजिटल सिस्टम और नागरिक जागरूकता पर भी निर्भर करती है।
आई फ्लू संक्रामक रोगों में कारगर है होम्योपैथी चिकित्सा : डॉ.पुनीत

Previous article


