- डेढ़ दर्जन आरोपियों के परिजन एसपी से मिले
- घटना के जिम्मेदार तथाकथित पत्रकार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की
जौनपुर धारा, थानागद्दी। मुख्यमंत्री का पुतला फूंकने का मामला एक बार फिर गरमा गया है। मामले में डेढ़ दर्जन आरोपियों के परिजन गुरुवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंच गए। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से मिलकर पुतला फुंकवाने में मुख्य भूमिका निभाने वाले एक तथाकथित दलाल पत्रकार अमित सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की। पुतला फूंकने के मामले में आरोपियों के परिजनों सुभावती देवी, निशा सिंह, नगीना सिंह, नीलम सिंह, अंजू देवी, गीता, आरती सिंह आदि ने पुलिस कप्तान से मिलकर न्याय की गुहार लगाई। कहा कि घटना के लिए उकसाने वाले के खिलाफ वीडियो है। पर्याप्त और ठोस प्रमाण होने के बावजूद थानागद्दी पुलिस चौकी और केराकत थाना की पुलिस उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। जबकि उसके इशारे पर फर्जी ढंग से अनेक निर्दोषों के नाम मुकदमा दर्ज कर दिया। महिलाओं ने पुलिस कप्तान से मामले के लिए उकसाने वाले तथाकथित दलाल अमित सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने और उसके खिलाफ कार्रवाई किये जाने की मांग की। पुलिस अधीक्षक ने केराकत कोतवाली क्षेत्र के सीओ गौरव शर्मा को मामले की जांच कर कार्रवाई करने को कहा है। पुलिस अधीक्षक से मिलने के बाद महिलाएं सीओ गौरव शर्मा से भी मिलीं और मुख्य आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। ज्ञात हो कि पिछले महीने तथाकथित पत्रकार अमित सिंह के उकसाने पर बराई गांव के अनेक नागरिकों ने नहर में पानी नहीं छोड़े जाने के विरोध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और क्षेत्रीय सांसद वीपी सरोज का चित्र लगाकर पुतला फूंका था और नारेबाजी की थी जिसका वीडियो और फोटो भी वायरल हुआ था। वायरल वीडियो में तथाकथित पत्रकार अमित सिंह नागरिकों को पुतला फूंकने और नारेबाजी के लिए उकसाने का काम कर रहा था। घटना के बाद पुलिस ने 20 नामजद सहित 10 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है लेकिन उकसाने वाले मुख्य आरोपी कथित पत्रकार अमित सिंह को छोड़ दिया।


