जौनपुर धारा, जौनपुर। शुक्रवार को भारत विकास परिषद जौनपुर शाखा ने गुरू तेगबहादुर की पुण्यतिथि सरस्वती शिशु मंदिर बारीनाथ मे छात्र-छात्राओ के बीच मनाया। भारत विकास परिषद के वरिष्ठ उपाध्यक्ष व महापुरुष जयंती के प्रकल्प प्रमुख सतेंद्र अग्रहरि ने बताया कि मुगलबादशाह, औरंगजेब, इस्लाम धर्म न अपनाने व हिन्दू धर्म की रक्षा के लिए अपने जीवन का न्यौछावर कर ढाल बन गये। हिंद दी चादर कहलाए जाने वाले सिक्खों के नौवें गुरु, गुरु तेगबहादुर ने हिन्दू धर्म और मानवता की रक्षा करते हुए हंसते-हंसते अपने प्राणों का बलिदान दे दिया। उनकी शहादत पर भारत विकास परिषद जौनपुर हर साल शहीदी दिवस के रूप में याद करती है। उन्होंने आस्था, विश्वास और अधिकारों की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। इसलिए उन्हें सम्मान के साथ हिंद दी चादर भी कहा जाता है। कार्यक्रम मे उपस्थित रहे शाखाध्यक्ष शिवकुमार, दिलीप जायसवाल, शरद साहू, इंदु लाल, दिवाकर गुप्त, रामरतन सेठ, प्राचार्य ज्ञान दत्त, आचार्य गण रहे। कार्यक्रम का संचालन अतुल सिंह ने किया।
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संत योद्धा थे गुरू तेगबहादुर : सतेंद्र अग्रहरि
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