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Homeअपना जौनपुरविश्वविद्यालय की जमीन पर अवैध ऑनलाइन सेंटर

विश्वविद्यालय की जमीन पर अवैध ऑनलाइन सेंटर

फर्जी प्रमाण पत्र बनाने का गोरखधंधा उजागर

जौनपुर धारा,जौनपुर। वीरबहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के उमानाथ सिंह इंजीनियरिंग संस्थान के सामने अवैध रूप से संचालित एक ऑनलाइन कंप्यूटर सेंटर में फर्जी अंक-पत्र, प्रमाण-पत्र, माइग्रेशन और प्रोविजनल डिग्री तैयार किए जाने का मामला उजागर हुआ है। यह सेंटर अनधिकृत रूप से विश्वविद्यालय की जमीन पर संचालित हो रहा है, जिससे न केवल शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है, बल्कि फर्जी दस्तावेजों के जरिए नौकरी और उच्च शिक्षा में प्रवेश पाने की प्रवृत्ति को भी बढ़ावा मिल रहा है।

स्थानीय लोगों ने कई बार इस अवैध गतिविधि की शिकायत की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। प्रशासन की उदासीनता के कारण यह गोरखधंधा दिन-ब-दिन फल-फूल रहा है। फर्जी प्रमाण पत्रों के अवैध कारोबार से न केवल शिक्षा प्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं, बल्कि इससे योग्य छात्रों के भविष्य पर भी खतरा मंडरा रहा है। यह मामला केवल एक अवैध दुकान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उच्च शिक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को भी प्रभावित करता है। विश्वविद्यालय और स्थानीय प्रशासन से मांग की जा रही है कि इस अवैध गतिविधि पर तत्काल रोक लगाई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। यदि समय रहते इस पर लगाम नहीं लगाई गई, तो यह फर्जीवाड़ा बड़े स्तर पर छात्रों और संस्थानों को नुकसान पहुंचा सकता है। शिक्षा से जुड़े जागरूक लोगों का कहना है कि इस तरह के अवैध केंद्रों पर त्वरित कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बनी रहे और फर्जीवाड़ा करने वालों पर कड़ी निगरानी रखी जा सके। अब देखना होगा कि विश्वविद्यालय प्रशासन और जिला प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाते हैं।

राज्यपाल मैडम आईं थीं, उसी दौरान पुलिस प्रशासन को लिखकर दिया गया था कि विश्वविद्यालय के आसपास बाउंड्री से लगी अवैध दुकानों को हटाया जाए। अभी तक वे हटी नहीं हैं, इसे दोबारा जल्द संज्ञान में लाया जाएगा।

  • प्रोफेसर राजकुमार
  • चीफ प्रॉक्टर-पूर्वांचल विश्वविद्यालय