- परियावां गांव में झूला व कजरी महोत्सव का हुआ आयोजन
जौनपुर धारा, जौनपुर। आज हमें अपनी विलुप्त होती परंपराओं को फिर से जागृत करने की आवश्यकता है क्योंकि आज हमारा समाज पाश्चात्य सभ्यता की तरफ बहुत तेजी से बढ़ रहा है और हमारी आने वाली पीढ़ी हमारी संस्कृति हमारे लोकगीतों को जानती ही नहीं है हम सभी को छोटे-छोटे प्रयासों से अपनी संस्कृति अपने पुरखो के द्वारा बनाई गई कलाओं को फिर से लोगों के बीच में रखकर उसे जीवंत करने का प्रयास करना चाहिए जिससे कि अपनी सभ्यता कभी मरने ना पाए और अमिट हो जाए। प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अंजना सिंह ने संगठन की प्रदेश सचिव शन्नो सिंह (आशा गृह उद्योग की संचालिका) के गांव परियावां में झूला कजरी लोकगीत का आयोजन किया। कार्यक्रम में महिलाओं और बच्चियों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। अंजना सिंह ने इस कार्यक्रम के माध्यम से अपनी विलुप्त होती संस्कृति को फिर से लोगों तक पहुंचाने और जीवन्त करने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि हम सभी को चाहिए कि अपनी संस्कृति को जीवन रखने के लिए समय-समय पर ऐसे कार्यक्रम करते रहे और बुजुर्गों ने संजू कर रखा था। आज पाश्चात्य सभ्यता की तरफ भागते हुए हम अपनी सभ्यता को भूलते जा रहे हैं इसका बहुत दुख है। कार्यक्रम में महिलाओं ने भक्ति गीत और कजरी से माहौल को खुशनुमा बना दिया। महिलाएं खूब झूमकर कजरी गीतों पर नाचती और झूले का आनंद लेती हुई दिखाई दी। कार्यक्रम में सरला त्रिपाठी, डॉ. अनीता त्रिपाठी, संजू सिंह, ममता सिंह अर्चना सिंह आदि शामिल रहीं।



