डॉक्टर को यूं ही धरती का भगवान नहीं कहा जाता. इस बात को बस्ती के डॉक्टरों ने साबित कर दिखाया है. आज के दौर में जहां लोग अपनों की मदद से पीछे हट जाते हैं. वहीं बस्ती जनपद में इंसानियत का एक ऐसा नजारा देखने को मिला है जिसने डॉक्टरी पेशे को एक बार फिर गौरवान्वित करने का काम किया है. दरअसल, यहां पर डॉक्टरों की टीम ने एक ऐसे बुजुर्ग की मदद की है जिसके आगे पीछे कोई नहीं है.
मामला बस्ती जनपद के कोतवाली थाना क्षेत्र के सोनूपार चौकी का है. जहां पिछले दिनों पुलिसकर्मियों को एक बुजुर्ग लावारिश हालत में दर्द से कहारते मिले फिर पुलिस कर्मियों द्वारा उनको बस्ती मेडिकल कॉलेज में भर्ती करा दिया गया. डॉक्टरों द्वारा इस बुजुर्ग की जॉच करने पर पता चला की उसके कूल्हे की हड्डी टूटी हुई है. जिसके वजह से वह चलने फिरने में असमर्थ है. जरूरत थी उसका कूल्हे बदलने की, जिसमें जो मेडिकल इक्विपमेंट लगना था. उसकी कीमत काफी ज्यादा है. इसकी जिम्मेदारी उठाई मेडिकल कॉलेज के अर्थों विभाग के एचओडी डॉ. विजय शंकर कनौजिया ने. उन्होंने मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ मनोज कुमार से सम्बन्धित मामले में बात की जिसके बाद लावारिश बुजुर्ग के लिए आर्टिफिकल कूल्हे और दवा का इंतजाम किया गया और फ़िर उसका ऑपरेशन किया गया. अब वह जल्द ही अपने पैरों पर खड़ा हो सकेगा और उसको नया जीवन भी मिल सकेगा. डॉ. विजय शंकर कनौजिया ने बताया कि बुजुर्ग की उम्र लगभग 68 साल है. जब इसको लावारिश हालत में मेडिकल कॉलेज में लाया गया था तब इसकी स्थिति काफी दयनीय थी. लेकिन हमारे स्टॉफ द्वारा इसका ईलाज और ऑपरेशन किया गया. जिससे अब यह 10 दिनों में अपने पैरों पर खड़ा हो जाएगा. अब यह बुजुर्ग पूरी तरह से स्वस्थ भी है.



