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Homeअपना जौनपुरमेडिकल कॉलेज में विश्व स्तनपान सप्ताह मनाया गया

मेडिकल कॉलेज में विश्व स्तनपान सप्ताह मनाया गया

जौनपुर धारा, जौनपुर। उमानाथ सिंह स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में बृहस्पतिवार को विश्व स्तनपान सप्ताह के अवसर पर एक सीएमई का आयोजन किया गया। स्तनपान हर साल अगस्त के पहले सप्ताह से मनाया जाता है जिसमें सभी लोगों को संबोधित करते हुए स्तनपान से संबंधित चीजों के बारे में बताया गया। स्तनपान सप्ताह के तहत अगस्त माह में मनाए जाने वाले स्तनपान का उद्घाटन प्रधानाचार्य प्रोफेसर डॉ.शिवकुमार ने किया। उन्होंने बताया कि स्तनपान जैसे एक साधारण चीज जो एक मां अपने बच्चे के लिए कर सकती है। बड़े आधुनिक अस्पतालों और हाईटेक गैजेट्स की तुलना में बच्चे के स्वास्थ के लिए कहीं अधिक महत्वपूर्ण है। उन्होंने मां के दूध की तुलना धरती मां से की जो कोमल पत्तियों के स्वास्थ्य को सुनिश्चित करने के लिए पौधों की जड़ों को पोषण देती है। मेडिकल कॉलेज के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एए जाफरी ने बताया कि स्तनपान कराने वाली मां को विस्तारित परिवार और समुदाय के समर्थन की आवश्यकता होती है। बचपन के प्रारंभिक वर्षों से जुड़ी कई बीमारियों के साथ मां का दूध जो पौष्टिक होता है। मस्तिष्क के विकास और शारीरिक विकास के लिए अति आवश्यक होता है। इसके बहुत सारे लाभ हैं इसे माताओं और उनके परिवारों के बीच शक्ति रूप से बढ़ावा देना चाहिए। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक जिला अस्पताल डॉक्टर तबस्सुम बानों ने चार प्रमुख खतरों के बारे में बताया जिनका माताओं को सामना करना पड़ता है। समर्थन की कमी जागरूकता की कमी और कमजोर आत्मविश्वास डॉक्टर नर्स सामाजिक कार्यकर्ताओं या आशा जो भी उससे मिले उसे कर्तव्य है कि उसे इन सभी खतरों से छुटकारा दिलाए और उसके बच्चे को स्तनपान कराने में मदद करे। बाल रोग विशेषज्ञ के विभागाध्यक्ष डॉ. एकांश राठोरिया ने कहा मां का दूध नवजात शिशु के लिए आदर्श है और एक मां अपने बच्चे को अच्छा उपहार दे सकती है। मां के दूध में जन्म से लेकर जीवन के पहले 6 महीनों तक पर्याप्त वृद्धि और विकास के लिए आवश्यक है। हिमानी अस्पताल की डॉक्टर शैली निगम ने स्तनपान के दौरान होने वाली समस्याओं के बारे में और उसके घातक बीमारियों के बारे में प्रकाश डाला। कार्यक्रम का संचालन डॉक्टर साधना अजय ने किया जिसमें डॉक्टर रिचा राठौरिया, डॉक्टर सरिता पांडे, डॉक्टर शैली निगम, डॉक्टर शिल्पी सिंह और डॉ. ममता शामिल रहे। कार्यक्रम में लगभग 200 छात्रों और संकाय के सदस्यों ने भाग लिया।

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