जौनपुर धारा, सुइथाकला। पट्टीदारी रंजिश में विगत 31 मई की शाम हुई मारपीट में चली कुल्हाड़ी और डंडे से घायल विवाहिता की बीती रात बीएचयू स्थित ट्रामा सेंटर में इलाज के दौरान मौत हो गई। मौत की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। बता दें कि विगत 31 मई की शाम पट्टीदारी रंजिश में थाना क्षेत्र के नेवादा गांव में स्व. भूप नारायण शुक्ला के परिवार और राजेश शुक्ला के बीच मारपीट हो गई जिसमें चली कुल्हाड़ी और डंडे की चपेट में आने से स्व. भूप नारायण की बहू नेहा पत्नी पंकज शुक्ला बुरी तरह से लहूलुहान हो उठी थी जिसका बीएचयू स्थित ट्रामा सेंटर में इलाज चल रहा था। इलाज के दौरान रविवार की रात वह जीवन से हार गई और उसकी मौत हो गई। मौत की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। बहरहाल परिजनों ने लाश का अन्तिम संस्कार सोमवार को कर दिया। मामले में थानाध्यक्ष विक्रम लक्ष्मण सिंह ने बताया कि स्व. भूप नारायण की बेवा सुभद्रा देवी की तहरीर पर घटना के दिन ही विपक्षी गणों के विरूद्ध हत्या के प्रयास समेत अन्य गम्भीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है।
- नौनिहालों के सिर से हटा ममता का आंचल

भले ही नेवादा गांव में दो पट्टीदारों ने रंजिश निभाने के लिए आपस में मारपीट कर लिया लेकिन जहां उस रंजिश ने एक जीव की हत्या करा डाली वहीं उस रंजिश ने दो नौनिहालों के सिर से मां की ममता के आंचल को सदा के लिए सिर से हटा दिया। अब वे कभी भी ममता के आंचल की छांव नहीं पा सकेंगे। जी हाँ, उक्त गांव में 31 मई को हुई मारपीट में चली कुल्हाड़ी और डंडे से घायल हो उठी विवाहिता नेहा पत्नी पंकज शुक्ला की हुई मौत से जुड़े हुए परिणाम से है। हालांकि पुलिस मामले में विपक्षी गणों के विरूद्ध हत्या के प्रयास और अन्य गम्भीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया, पर उस रंजिश ने नेहा को मौत के मुंह में डाल दिया। वहीं उसके दो नौनिहाल एक सात साल का बेटा वैभव और दूसरी चार साल की बेटी आर्या के सिर से मां की ममता के आंचल को सदा के लिए हटा दिया। मां की मौत से दोनों चिघाड़े मार मार कर रो रहे थे। वहीं सास सुभद्रा और पति पंकज विक्षिप्त से दिखाई पड़ रहे थे लोग नम आंखों से एक दूसरे को देख रहे थे।


