- महिलाओं-किशोरियों में बढ़ी जागरूकता
केराकत। मानवाधिकार दिवस के अवसर पर रविवार को रतनुपुर में महिला संगठन, किशोरी एवं युवा संगठन के संयुक्त नेतृत्व तथा जन विकास समिति के सहयोग से संगोष्ठी और मानव श्रृंखला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण समुदाय, महिलाओं, किशोरियों, युवाओं और आम नागरिकों को मानवाधिकार, समानता, गरिमा और न्याय के मूल सिद्धांतों के प्रति जागरूक करना था। थानागद्दी में मिशन शक्ति व एंटी-रोमियो टीम द्वारा महिलाओं और बच्चियों को सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण नियम-कानून, अपराध से बचाव के तरीके तथा विभिन्न हेल्पलाइन सेवाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। इस दौरान चौकी प्रभारी मोहम्मद सलीम, संजय कुमार सिंह, अनुपमा सिंह, आशा, रामविलास यादव, अनिल कुमार सिंह, जितेन्द्र और नींबूलाल का विशेष सहयोग रहा। वक्ताओं ने कहा कि 10दिसंबर 1948 को संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा ‘सार्वभौमिक मानवाधिकार घोषणा-पत्रÓअपनाया गया था। जिसके बाद प्रत्येक वर्ष यह दिन मानवाधिकार दिवस के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने बताया कि हर व्यक्ति केवल इंसान होने के नाते सम्मान, स्वतंत्रता, सुरक्षा और समानता का अधिकार रखता है। मानवाधिकार केवल कानूनों में लिखे शब्द नहीं, बल्कि दैनिक जीवन की अनिवार्य जिम्मेदारियाँ हैं। समाज का विकास तभी संभव है जब हर वर्ग—महिला, पुरुष, युवा, वृद्ध या दिव्यांग—अपने अधिकारों से परिचित हो और बिना किसी भेदभाव के उन्हें प्राप्त कर सके। कार्यक्रम में दर्जनों महिलाओं, किशोरियों और युवाओं ने सक्रिय भागीदारी की और मानवाधिकार संरक्षण पर अपने विचार रखे। ग्रामीण महिलाओं ने कहा कि जागरूकता बढ़ने से घरेलू हिंसा रोकने और बेटियों की शिक्षा को प्रोत्साहन देने की दिशा में सकारात्मक बदलाव आया है। कार्यक्रम में ग्राम पंचायत बेहड़ा, बंमबावन, थानागद्दी, बासबारी, सोहनी, भीतरी, उमरवार, गुलरा, देवराई, भैंसा, घुड़दौड़, गोबरा और बरईछ सहित विभिन्न क्षेत्रों से महिलाओं, किशोरियों तथा जन विकास समिति की सदस्य दीपमाला, सरिता और ज्योति ने भाग लिया।



