जौनपुर। जयगुरुदेव धर्म प्रचारक संस्था मथुरा से इसके राष्ट्रीय अध्यक्ष संत पंकज महाराज के सानिध्य में चल रही आध्यात्मिक वैचारिक जनजागरण यात्रा ने वि.ख. सिरकोनी के ग्राम राजेपुर खजुरा में पड़ाव किया। यहां आयोजित सत्संग सभा को सम्बोधित करते हुए कहा चौरासी लाख योनियों में मानव सर्वश्रेष्ठ है। इसमें भगवान को प्राप्त करने का रास्ता है जिसका भेद सन्त महात्मा जानते हैं। जाति-पाति के झगड़े, महापुरुषों के उपदेशों से दूर होने के कारण हैं। मनुष्य की तो केवल एक ही मानव जाति है। परमात्मा ने सबको एक ही तरीके से बनाया है तो उसके मिलाने का भी एक ही रास्ता है। अन्य युगों की अपेक्षा कलयुग में बड़ा परिवर्तन हो गया। मनुष्य की आयु घट गई, बल घट गया, अन्न में प्राण चला आया तथा मन की चंचलता बढ़ गई। इसलिये दयालु प्रभु ने अपने देष से सन्तों को भेजा। जीवन को शाकाहारी व नशा मुक्त बनाना होगा। लोग अपने द्वारा बनाये गये मन्दिर को साफ-सुथरा रखते हैं। परमात्मा के बनाये मानव शरीर में मांस के लोथड़े व शराब के कतरे डालते हैं। इसकी सख्त सजा मिलेगी।
― Advertisement ―
मांस के लोथड़े व शराब के लिये नहीं बना मानव शरीर : पंकज महाराज

Previous article

