सिकरारा। जनपद के परिषदीय विद्यालय अब शिक्षा के क्षेत्र में निजी स्कूलों को भी पीछे छोड़ते हुए नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं। सिकरारा ब्लॉक का कंपोजिट विद्यालय भरतपुर और प्राथमिक विद्यालय ताहिरपुर अपने-अपने संसाधनों, अनुशासन व गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के दम पर आदर्श बन चुके हैं। कंपोजिट विद्यालय भरतपुर में कक्षा-कक्ष रूपान्तरण, कम्प्यूटर व प्रिंटर युक्त ऑफिस, स्मार्ट बोर्ड, टीवी, ब्लूटूथ, प्रोजेक्टर, माइक-स्पीकर, मॉर्निंग असेम्बली माइक, सीसीटीवी कैमरा व वाई-फाई की सुविधा उपलब्ध है। प्रत्येक कक्षा डेस्क-बेंच से सुसज्जित है तथा सौंदर्यपूर्ण वातावरण बच्चों को आकर्षित करता है। विद्यालय को 19पैरामीटर पर संतृप्त घोषित किया गया है। यहां नि:शुल्क शिक्षा के साथ कंप्यूटर शिक्षा व वीरांगना लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। शून्य निवेश से बनी लाइब्रेरी, डीलएमएस और साफ-सुथरे शौचालय इसकी विशेषता हैं। विद्यालय की इंचार्ज हेड टीचर संगीता सिंह ने बताया कि इन सभी कार्यों की सफलता सहायक अध्यापक राजू सिंह के सहयोग से संभव हुई है। वहीं, प्राथमिक विद्यालय ताहिरपुर आधुनिक संसाधनों से लैस होकर गुणवत्तापरक शिक्षा का आदर्श बन चुका है। यहां सभी कक्षाओं में स्मार्ट टीवी व टीएलएम उपलब्ध हैं। 7 जून 2022 को जनपद का पहला डिस्कवरी लैब यहीं स्थापित हुआ, जिसमें विज्ञान के 150 से अधिक उपकरण हैं। प्रधानाध्यापक डॉ.अमित सिंह के नेतृत्व में विद्यालय 2018 में 63बच्चों से बढ़कर आज 262बच्चों तक पहुँच गया है। एसी युक्त कार्यालय, आरओ व वाटरकूलर से शुद्ध पेयजल, सोलर पैनल आधारित विद्युत आपूर्ति और अत्याधुनिक शौचालय जैसी सुविधाओं के चलते यह विद्यालय निजी स्कूलों को भी चुनौती दे रहा है। इस अवसर पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ.गोरखनाथ पटेल ने दोनों विद्यालयों की सराहना करते हुए कहा कि भरतपुर और ताहिरपुर विद्यालय शिक्षा व संसाधनों के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं और अन्य विद्यालयों के लिए प्रेरणा बने हुए हैं।
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भरतपुर व ताहिरपुर विद्यालय बने शिक्षा के आदर्श

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