जौनपुर धारा,जौनपुर। उत्तर प्रदेश विधान परिषद की दैवीय आपदा प्रबंधन जांच समिति की समीक्षा बैठक समिति के सभापति अवनीश कुमार सिंह की अध्यक्षता में और समिति के सदस्य अंगद कुमार सिंह और पद्म सेन चौधरी की उपस्थिति में कलेक्ट्रेट सभागार में संपन्न हुई। जिलाधिकारी डॉ.दिनेश चंद्र ने समिति को शासन स्तर से अधिसूचित आपदाओं में अब तक पीड़ितों को क्षतिपूर्ति दिए जाने के संबंध में जानकारी दी। अपर जिलाधिकारी वि/रा.राम अक्षयवर चौहान ने हुई आपदाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की। सभापति ने आपदा पीड़ितों की मदद के लिए अधिकारियों को संवेदनशील रहने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर ऐसी कार्य योजना बनाई जाए, जिससे किसी भी आपदा से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके। सर्पदंश से होने वाली मौतों को रोकने के लिए विशेष निर्देश दिए गए। सभी सरकारी अस्पतालों में एंटी स्नेक वेनम की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया। सर्पदंश से मृत्यु की दशा में पोस्टमार्टम कराने तथा पीडितों को तत्काल आपदा राहत मुआवजा दिलाने के निर्देश दिये और सर्पदंश से बचाव और उपचार का व्यापक प्रचार प्रसार कराये जाने के निर्देश दिये। तालाब में डूबने से होने वाली मौतों को रोकने के लिए खतरनाक स्थानों पर चेतावनी बोर्ड लगाने का सुझाव दिया गया। सभापति ने सरकारी कल्याणकारी योजनाओं को जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों द्वारा आम जनता तक पहुंचाने के लिए कहा। इसके पश्चात समिति द्वारा विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए तहसीलवार आकाशीय बिजली, डूबने आदि से प्रभावित लोगों की सूचना मांगी गई। अधिशासी अधिकारी से आरओ प्लांट, जल भराव आदि की रिपोर्ट मांगी गई। साथ ही स्थाई/अस्थाई रैन बसेरा, कंबल वितरण, शीत ऋतु में विभिन्न स्थानों पर जलाए गये अलाव की जानकारी मांगी गई। इस अवसर पर अध्यक्ष नगर पालिका परिषद मनोरमा मौर्या, सांसद एवं विधायक के प्रतिनिधि, समस्त ब्लाक प्रमुख, प्रधान, पुलिस अधीक्षक डा.कौस्तुभ, मुख्य विकास अधिकारी ध्रुव खाड़िया, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.लक्ष्मी सिंह, मुख्य राजस्व अधिकारी अजय अम्बष्ट, नगर मजिस्ट्रेट इन्द्र नन्द्रन सिंह सहित आदि उपस्थित रहें।
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बिजली के पोलों से हटाया गया केबल और वाई-फाई तारों का जंजाल
जौनपुर के व्यस्त बाजारों में बिजली के पोलों पर लटकी बंद केबल और अनुपयोगी वाई-फाई तारों को विद्युत विभाग ने अभियान चलाकर हटाया। विभाग की कार्रवाई से बारिश के दौरान करंट उतरने और हादसे की आशंका कम होने की उम्मीद है।
पीड़ितों की मदद के लिए अधिकारियों को संवेदनशील रहने का दिया निर्देश


