- किशोर समेत चार आरोपित गिरफ्तार
जौनपुर। जालसाजी के मामले में जिला कारागार में बंद रहने के दौरान नगर पंचायत मछलीशहर अध्यक्ष संजय जायसवाल ने साजिश रचकर खुद अपने आवास पर गोलियां चलवाई थीं। बदले में एक लाख रुपये देने का वादा किया था। यह राजफाश तब हुआ जब शुक्रवार की रात पुलिस ने मिले सुराग पर घटना के लगभग 10 माह बाद चोरी की तीन बाइक के साथ नाबालिग समेत चार आरोपितों को गिरफ्तार किया। आरोपितों के पास से घटना में प्रयुक्त पिस्टल व कारतूस भी मिले। बता दें, गत 23फरवरी को संजय जायसवाल जेल में बंद थे। उनके पुत्र सादिकगंज मोहल्ला निवासी अभय जायसवाल उर्फ सूरज जायसवाल ने मछलीशहर कोतवाली में तहरीर देकर आरोप लगाया कि सुबह 5.30 बजे उनके घर के गेट पर पहुंचे दो अज्ञात बाइक सवार बदमाश जान से मारने की नीयत से तीन गोलियां चलाकर भाग गए। गोलियां गेट में लगीं। पूरी घटना सीसीटीवी में कैद है। पुलिस हत्या के प्रयास का केस दर्ज कर छानबीन करने लगी। मुखबिर से मिले सुराग पर रात लगभग पौने दस बजे पुलिस टीम ने मछलीशहर कोतवाली के कोटवां पुलिया से तीन बाइक पर सवार चार आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपितों में सिकरारा थाना के पसहना का निर्देश सिंह उर्फ जुम्मन, अरुआवां का हिमांशु मिश्र उर्फ छोटू, सरायख्वाजा थाना के संदहां का कुशल मिश्र व चौथा नाबालिग बहाउद्दीनपुर गांव का है। हिमांशु मिश्र के विरुद्ध विभिन्न थानों में पांच, निर्देश सिंह के विरुद्ध दो व कुशल मिश्र के विरुद्ध तीन मुकदमे दर्ज हैं। अपर पुलिस अधीक्षक (सिटी) आयुष श्रीवास्तव ने शनिवार को पुलिस लाइन के मनोरंजन कक्ष में आयोजित प्रेसवार्ता में आरोपितों से मीडिया के सामने पूछताछ की। हिमांशु मिश्र उर्फ छोटू ने स्वीकार किया कि मैंने व निर्देश सिंह ने गोलियां चलाई थीं। तीनों बाइक चोरी की है। निर्देश सिंह ने बताया मैं जिला जेल में बंद अपने भाई नमन सिंह से मिलने जाता था। संजय जायसवाल भी जेल में बंद थे। नमन ने निर्देश सिंह से कहा संजय जायसवाल ने कहा है मेरे घर पर फायरिंग करा दो। इस काम के लिए एक लाख रुपये दूंगा। मैंने यह बात हिमांशु मिश्र उर्फ छोटू को बताई। एक लाख रुपये की लालच में हम दोनों ने मिलकर गोली चलाई थी। मैं बाइक चला रहा था जबकि पीछे बैठे हिमांशु मिश्र ने गोलियां चलाई थीं। हम चारों का गिरोह है, जो साथ मिलकर चोरी करते हैं। गिरफ्तारी व बरामदगी करने वाली टीम में मछलीशहर कस्बा पुलिस चौकी प्रभारी होरिल यादव, एसआइ ओम प्रकाश यादव, एसओजी गामा के एसआइ तरुण श्रीवास्तव, एसआइ सत्यवीर यादव व सहयोगी पुलिस कांस्टेबल रहे।



