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हाइब्रिड युद्ध: 21वीं सदी की अदृश्य चुनौती और भारत की सुरक्षा

यह छवि हाइब्रिड युद्ध की अवधारणा को दर्शाती है जिसमें साइबर हमले, सूचना युद्ध, आर्थिक दबाव और डिजिटल सुरक्षा शामिल हैं। यह आधुनिक युद्ध की बदलती प्रकृति और भारत की सुरक्षा रणनीति को समझाने में मदद करती है। इसमें यह दिखाया गया है कि कैसे तकनीक और डेटा आधुनिक युद्ध का मुख्य हिस्सा बन चुके हैं और राष्ट्र की सुरक्षा केवल सेना पर नहीं बल्कि डिजिटल सिस्टम और नागरिक जागरूकता पर भी निर्भर करती है।
Homeअपना जौनपुरटीईटी के विरोध में शिक्षकों का 'पोस्ट कार्ड अभियान

टीईटी के विरोध में शिक्षकों का ‘पोस्ट कार्ड अभियान

  • राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से गुहार

जौनपुर। मछलीशहर क्षेत्र के बेसिक शिक्षा के शिक्षकों ने सर्वोच्च न्यायालय के एक हालिया आदेश के विरोध में ‘शिक्षक की पाती’ नामक पोस्ट कार्ड अभियान शुरू किया है। इस आंदोलन के माध्यम से शिक्षक संगठनों ने 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा से मुक्त रखने की पुरजोर मांग की है। गुरुवार को शिक्षक संगठनों के पदाधिकारियों और शिक्षकों ने तहसील मछलीशहर के डाकघर पहुंचकर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्य न्यायाधीश और लोकसभा में विपक्ष के नेता को संबोधित पोस्ट कार्ड भेजे। पूर्व माध्यमिक मंडल अध्यक्ष डॉ. संतोष तिवारी और जिला अध्यक्ष सुशील उपाध्याय के नेतृत्व में आयोजित इस अभियान में वक्ताओं ने कहा कि 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी थोपना भर्ती नियमों के पूर्णत: विपरीत है। यह आदेश उन अनुभवी शिक्षकों के हितों पर कुठाराघात है जो दशकों से शिक्षा व्यवस्था की नींव को मजबूत कर रहे हैं। इस अवसर पर शिक्षक नेता वीरेंद्र यादव, अखंड प्रताप, अरविंद मिश्रा, लाल मोहम्मद, प्रदीप श्रीवास्तव, ज्योति भूषण सिंह, मन्द्रिका मौर्य, गायत्री देवी, राजेंद्र प्रसाद, कृष्णकांत और स्वतंत्र मणि मुन्ना शर्मा सहित बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे। शिक्षकों ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी जायज मांगों पर विचार नहीं किया गया, तो वे अपने लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए आंदोलन को और तेज करेंगे।

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